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‘अखिलेश-वखिलेश’ विवाद खत्म? दतिया उपचुनाव में कांग्रेस को मिला सपा का साथ, जीतू पटवारी का बड़ा दावा

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस को समर्थन देने का भरोसा दिया है। पटवारी के अनुसार, अखिलेश यादव ने फोन पर कहा कि दतिया उपचुनाव में समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहयोग करेगी।

यह दावा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों में आई तल्खी काफी सुर्खियों में रही थी। अब यदि दोनों दल दतिया उपचुनाव में साथ आते हैं, तो इसे विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जीतू पटवारी ने क्या दावा किया?

जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया उपचुनाव को लेकर उनकी अखिलेश यादव से बातचीत हुई।

उनके अनुसार:

  • अखिलेश यादव ने फोन कर समर्थन का भरोसा दिया।
  • उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की आवश्यकता हो तो बताएं।
  • पटवारी ने उन्हें दतिया आकर चुनाव प्रचार करने का निमंत्रण दिया।
  • अखिलेश यादव ने कथित तौर पर संसद सत्र में व्यस्त होने का हवाला देते हुए स्वयं आने में असमर्थता जताई, लेकिन प्रचार के लिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भेजने की बात कही।

हालांकि, इस दावे पर समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक विस्तृत बयान सामने आने का इंतजार है।

2023 का ‘अखिलेश-वखिलेश’ विवाद क्या था?

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच मतभेद सामने आए थे।

उस समय:

  • समाजवादी पार्टी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही थी।
  • मीडिया के सवाल पर तत्कालीन कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कथित तौर पर कहा था, “अरे छोड़ो अखिलेश-वखिलेश।”
  • इस टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी ने नाराजगी जताई थी।
  • सपा नेताओं ने इसे अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की थी।

यह बयान उस समय दोनों दलों के रिश्तों में खटास का प्रमुख कारण बना था।

क्या बदल रहे हैं राजनीतिक समीकरण?

दतिया उपचुनाव में समर्थन के इस दावे के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे विपक्षी दलों के बीच बदलते समीकरणों के रूप में देख रहे हैं।

यदि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस चुनाव में साथ आती हैं, तो:

  • विपक्षी एकजुटता का संदेश जा सकता है।
  • चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
  • स्थानीय स्तर पर वोटों के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

हालांकि, इसका वास्तविक असर चुनाव प्रचार और मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।

जीतू पटवारी ने समर्थन की वजह क्या बताई?

पटवारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का इस उपचुनाव में प्रत्यक्ष हित नहीं है, फिर भी समर्थन मिलना महत्वपूर्ण है।

उनके मुताबिक:

  • यह समर्थन बदलाव की राजनीति के उद्देश्य से दिया गया है।
  • विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
  • गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार भी किया जाएगा।

दतिया उपचुनाव क्यों है अहम?

दतिया विधानसभा उपचुनाव पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और चुनाव प्रचार तेज हो गया है।

इस चुनाव को लेकर:

  • भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं।
  • स्थानीय मुद्दों के साथ राजनीतिक गठजोड़ भी चर्चा में हैं।
  • विपक्षी दलों के बीच तालमेल पर विशेष नजर रखी जा रही है।

अभी क्या स्पष्ट है?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • जीतू पटवारी ने अखिलेश यादव के समर्थन का दावा किया है।
  • उन्होंने फोन पर हुई बातचीत का उल्लेख किया है।
  • समाजवादी पार्टी की ओर से प्रचार में सहयोग की बात कही गई है।
  • इस दावे पर आधिकारिक स्तर पर आगे की प्रतिक्रिया और चुनावी गतिविधियों पर नजर रहेगी।

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