उमावाणी न्यूज
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर अमरकंटक स्थित मृत्यंजय आश्रम में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन और विश्राम की व्यवस्था
अब तक 1500 श्रद्धालुओं ने मृत्यंजय आश्रम में किया निःशुल्क भोजन प्रसादी ग्रहण
बोल बम के जयकारों के बीच शिवभक्ति का अद्भुत संगम
रायपुर, 02 अगस्त 2026/ पवित्र श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा का अनुपम दृश्य अमरकंटक से भोरमदेव धाम तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा में देखने को मिल रहा है। बोलबम और हर-हर महादेव के जयकारों से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा है। हजारों शिवभक्त कठिन पदयात्रा कर पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सेवा को प्राथमिकता देते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल पर अमरकंटक स्थित मृत्यंजय आश्रम में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन प्रसादी, विश्राम एवं आवश्यक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में पहुंच रहे शिवभक्तों का आत्मीय स्वागत किया जा रहा है, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुगम, सुरक्षित और सुखद बन रही है।
अब तक कबीरधाम जिले की 09 बोलबम समितियों सहित लगभग 1500 श्रद्धालुओं ने मृत्यंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन प्रसादी ग्रहण कर इस सेवा का लाभ लिया है। भोजन के साथ-साथ यात्रियों के विश्राम की समुचित व्यवस्था भी की गई है, ताकि लंबी पदयात्रा के दौरान उन्हें आवश्यक राहत मिल सके।
विशेष बात यह है कि उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की ओर से सभी समितियों को स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) भी भेंट किए जा रहे हैं। यह सम्मान श्रद्धालुओं की आस्था और तपस्वी भाव को नमन करने का प्रतीक है, जिसे कांवड़ यात्री अत्यंत श्रद्धा और प्रसन्नता के साथ स्वीकार कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने इस सेवा भावना के लिए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अपनत्व और सम्मान का भी अनुभव कराती है। भोजन, विश्राम और सम्मान की यह पहल सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आई है।
श्रावण मास में शिवभक्तों की सेवा को ही सच्ची शिव आराधना मानते हुए यह व्यवस्था निरंतर संचालित की जा रही है, ताकि अमरकंटक से भोरमदेव धाम तक की पवित्र कांवड़ यात्रा करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



