
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के इश्किया स्कूल इलाके में एक दो मंजिला मकान की छत की स्लैब अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से 8 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद नगर निगम ने भवन को असुरक्षित घोषित करते हुए सील कर दिया है।
तड़के 4 से 5 बजे के बीच हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा रविवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुआ, जब पूरा परिवार मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहा था।
सदर कोतवाली थाना प्रभारी माणकराम बिश्नोई के मुताबिक, अचानक छत की चार से पांच स्लैब एक साथ गिर गईं, जिससे पूरा परिवार मलबे में दब गया।
परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें
घटना के तुरंत बाद मोहल्ले के लोगों ने बिना समय गंवाए मलबा हटाना शुरू किया।
स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
समय पर राहत कार्य शुरू होने से अन्य लोगों की जान बचाई जा सकी।
8 साल की बच्ची की मौत, चार लोग घायल
इस दर्दनाक हादसे में 8 वर्षीय अलसीफा की मौत हो गई।
वहीं घायल होने वालों में शामिल हैं—
- मोहम्मद इरफान
- उनकी पत्नी
- दो वर्षीय बेटी
- परिवार का एक अन्य सदस्य
सभी घायलों का महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जर्जर मकान और लगातार बारिश बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मकान पहले से ही जर्जर स्थिति में था।
लगातार हो रही बारिश के कारण भवन की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं, जिससे छत की स्लैब अचानक गिर गई।
हालांकि, प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
नगर निगम ने सील किया मकान
हादसे के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त भवन को सील कर दिया।
सुरक्षा के मद्देनजर उसी गली में स्थित एक अन्य जर्जर मकान को भी एहतियातन सील किया गया है।
जर्जर भवनों की पहचान के लिए शुरू हुआ अभियान
नगर निगम की अधिकारी अर्चना व्यास ने बताया कि शहर में जर्जर भवनों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है।
अभियान के तहत—
- पुराने और कमजोर भवनों का सर्वे किया जाएगा।
- खतरनाक मकानों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
- जरूरत पड़ने पर भवनों को सील किया जाएगा।
- लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक अन्य जर्जर भवन को नोटिस देकर सील किया गया था।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश के दौरान पुराने और क्षतिग्रस्त मकानों में रहने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
ऐसी स्थिति में लोगों को चाहिए कि—
- जर्जर भवनों में रहने से बचें।
- दीवारों या छत में दरार दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
- भारी बारिश के दौरान सतर्क रहें।
- प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि आसपास कोई जर्जर भवन दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत नगर निगम या प्रशासन को दें।
बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने और खतरनाक इमारतों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है।
समय रहते कार्रवाई से टल सकते हैं ऐसे हादसे
जोधपुर में हुआ यह मकान हादसा एक बार फिर पुराने और जर्जर भवनों की गंभीर समस्या को सामने लाता है। लगातार बारिश के दौरान कमजोर इमारतें कभी भी बड़ा खतरा बन सकती हैं। ऐसे में समय पर भवनों का सर्वे, मरम्मत, सीलिंग और लोगों की जागरूकता ही भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है। प्रशासन और नागरिकों की संयुक्त जिम्मेदारी से ही ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को कम किया जा सकता है।




