
उमावाणी न्यूज
18/09/2026
अग्रसेन महाविद्यालय
के पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने देखी ‘हनुमान अंश’
फिल्म; मनोरंजन के साथ सीखा मीडिया का व्यावहारिक ज्ञान।
पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन मनोरंजन और व्यावहारिक सीख का एक अनूठा संगम रहा। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास और मीडिया के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हनुमान अंश’ फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया के छात्रों ने न सिर्फ फिल्म का आनंद लिया, बल्कि पत्रकारिता के नजरिए से फिल्म की बारीकियों को भी समझा।
यह आयोजन छात्रों के प्रायोगिक कार्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। फिल्म देखने के बाद सभी छात्र-छात्राओं से उनके अनुभव और फीडबैक लिए गए, जिसके आधार पर वे फिल्म समीक्षा क्रिटिकल एनालिसिस और रिपोर्टिंग से जुड़े अपने असाइनमेंट पूरे करेंगे।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अग्रसेन महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. व्ही. के. अग्रवाल ने कहा, “आज के आधुनिक दौर में शिक्षा केवल किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रह गई है। मीडिया के छात्रों के लिए सिनेमा संचार का एक बेहद सशक्त माध्यम है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में छात्रों को हमारी संस्कृति, तकनीकी दृश्यों (VFX) और कहानी कहने की कला को गहराई से समझने का अवसर देती हैं। हमें खुशी है कि हमारे छात्र इस स्क्रीनिंग के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ एक बेहतरीन व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सके हैं।”
महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा, “एक पत्रकार और मीडिया प्रोफेशनल के लिए सबसे जरूरी है कि वह किसी भी दृश्य या घटना का बारीकी से विश्लेषण कर सके। आज का यह आयोजन पूरी तरह से छात्रों के प्रायोगिक कार्य पर केंद्रित था। फिल्म देखने के बाद छात्रों से जो अनुभव और समीक्षाएं ली गईं, वे उनके लेखन और विश्लेषणात्मक कौशल को निखारने में मददगार साबित होंगी।” महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ यूलेन्द्र कुमार राजपूत ने कहा हम भविष्य में भी छात्रों को ऐसा व्यावहारिक मंच देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
फिल्म देखने के बाद पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राएं बेहद उत्साहित नजर आए। छात्रों ने कहा कि क्लासरूम में फिल्म समीक्षा और मीडिया एनालिसिस के जो सिद्धांत वे पढ़ते हैं, आज उन्हें व्यावहारिक रूप से आजमाने का मौका मिला। उन्होंने फिल्म के निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और कंटेंट पर खुलकर अपने विचार रखे और इस तरह के आयोजनों को अपनी पढ़ाई के लिए मील का पत्थर बताया।
इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे