

रायपुर:गुरुकुल महिला महाविद्यालय, रायपुर की छात्राओं के लिए 21 सितंबर 2026 को ‘सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी’ (CIPET), रायपुर का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। महाविद्यालय की ‘साइंस काउंसिल’ के तत्वावधान में आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को प्लास्टिक एवं पॉलिमर प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक, तकनीकी व औद्योगिक पहलुओं से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था।

*कार्यक्रम की शुरुआत में CIPET के विशेषज्ञों ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए संस्थान की कार्यप्रणाली और प्लास्टिक उद्योग के तकनीकी आयामों की जानकारी दी। सत्र के दौरान पर्यावरण संरक्षण और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर देते हुए बताया गया कि 120 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले प्लास्टिक का पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) संभव होने के कारण वे तुलनात्मक रूप से सुरक्षित हैं, जबकि 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक रीसायकल न हो पाने के कारण पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनते हैं। इस दौरान विशेषज्ञों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक के वैज्ञानिक निपटान, रीसाइक्लिंग और प्लास्टिक कचरे से ऊर्जा उत्पादन (Waste-to-Energy) हेतु आधुनिक संयंत्रों की स्थापना की आवश्यकता को रेखांकित किया।*
इसके उपरांत छात्राओं को संस्थान की विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं विभागों का अवलोकन कराया गया:
* **मोल्डिंग विभाग:** यहाँ छात्राओं ने प्लास्टिक उत्पादों को विविध आकार व स्वरूप देने की तकनीकी प्रक्रिया समझी।
* **प्लास्टिक टेस्टिंग विभाग:** उत्पादों की गुणवत्ता, टिकाऊपन एवं विभिन्न औद्योगिक मानकों पर उनके परीक्षण की विधियों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
* **प्लास्टिक प्रोसेसिंग विभाग:** कच्ची प्लास्टिक सामग्री से बोतलें एवं दैनिक उपयोग के अन्य उत्पाद तैयार करने की समूची निर्माण प्रक्रिया को देखा।
* **ऑटोकैड/डिजाइनिंग विभाग:** प्लास्टिक उत्पादों की डिजिटल डिजाइनिंग एवं तकनीकी ड्राइंग से संबंधित सॉफ्टवेयर कार्यप्रणाली को समझा।
विशेषज्ञों ने छात्राओं को प्लास्टिक एवं पॉलिमर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा, शोध (Research) तथा भविष्य में करियर की संभावनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। विशेषकर बी.एससी. (B.Sc.) की छात्राओं को CIPET की राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से पोस्ट ग्रेजुएशन एवं उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस भ्रमण से छात्राओं को अपने पाठ्यक्रम के सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक परिवेश से जोड़ने का उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान महाविद्यालय विज्ञान विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना अग्रवाल, साइंस काउंसिल सचिव डॉ. अनुराधा गुप्ता तथा प्रोफेसर
डॉ. टीनू दुबे, डॉ. देवश्री वर्मा एवं डॉ. सिमरन वर्मा छात्राओं के मार्गदर्शन हेतु उपस्थित रहीं।