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काले कागज से नोट बनाने का झांसा! बैंक लोन के नाम पर ₹90 लाख की ठगी, पेंड्रा कनेक्शन में 3 आरोपी गिरफ्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ठगी के अलग-अलग तरीकों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। एक मामले में काले कागज को केमिकल की मदद से असली भारतीय नोट में बदलने का झांसा देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की गई, जबकि दूसरे मामले में निजी बैंककर्मी बनकर करीब 90 लाख रुपये की ठगी किए जाने के मामले के तार पेंड्रा से जुड़े मिले हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दोनों मामलों ने एक बार फिर लोगों को आर्थिक धोखाधड़ी के नए तरीकों को लेकर सतर्क कर दिया है। पुलिस का कहना है कि ठग पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और इसके बाद लालच या झूठे दावे के जरिए उनसे रकम हासिल करने की कोशिश करते हैं।

केमिकल से काले कागज को नोट बनाने का दावा

जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में ठगी का अनोखा तरीका सामने आया। यहां साहिल कुमार नामक व्यक्ति से एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया।

आरोपी ने खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा विशेष केमिकल है, जिसकी मदद से साधारण काले कागज को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है।

इस कथित प्रक्रिया के बदले आरोपी ने साहिल कुमार से 50 हजार रुपये की मांग की। हालांकि, पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

नवागढ़ थाने में दर्ज हुआ अपराध

पीड़ित की शिकायत के आधार पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) और 61(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के मामलों में आरोपी लोगों को जल्दी और आसानी से पैसा कमाने का लालच देते हैं। इसके बाद केमिकल, मशीन या किसी विशेष प्रक्रिया के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।

ऐसे झांसे से रहें सावधान

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि काले कागज से नोट बनाने या किसी विशेष केमिकल से नकली चीज को असली मुद्रा में बदलने जैसे दावों पर भरोसा न करें।

ध्यान रखने वाली बातें:

  • कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के लालच में न आएं।
  • केमिकल या मशीन के नाम पर अनजान व्यक्ति को पैसे न दें।
  • किसी भी संदिग्ध दावे की पहले जांच करें।
  • बैंक या लोन से जुड़े मामलों में संबंधित संस्था से सीधे जानकारी लें।
  • ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।

बैंक लोन के नाम पर 90 लाख रुपये की ठगी

दूसरे मामले में निजी बैंककर्मी बनकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 90 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान इस मामले के तार पेंड्रा से जुड़े पाए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के तरीके और रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह शामिल है या नहीं।

बैंककर्मी बनकर हासिल करते हैं भरोसा

आर्थिक ठगी के मामलों में आरोपी कई बार खुद को बैंक अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद लोन स्वीकृत कराने, दस्तावेज पूरे कराने या प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर रकम मांगी जाती है।

ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि बैंककर्मी की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जाए। बैंक की आधिकारिक शाखा या अधिकृत माध्यम से जानकारी लेने के बाद ही कोई आर्थिक लेनदेन करना चाहिए।

पुलिस ने लोगों को किया अलर्ट

जीपीएम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं। विशेष रूप से असामान्य तरीके से पैसा बनाने, केमिकल से नोट तैयार करने या बैंक लोन दिलाने के नाम पर रकम मांगने वालों से सावधान रहें।

फिलहाल पेंड्रा से जुड़े 90 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच जारी है। वहीं नवागढ़ में केमिकल के जरिए काले कागज को नोट बनाने के दावे वाले मामले की भी विवेचना की जा रही है। जांच के आगे बढ़ने के साथ ठगी के नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका को लेकर और खुलासे हो सकते हैं।

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