
रायपुर। राजधानी रायपुर में सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 60 लाख रुपये की चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आमानाका थाना क्षेत्र के सरोना स्थित अरिहंत कॉम्प्लेक्स में हुई इस वारदात में चोर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान लेकर फरार हो गए थे।
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और आमानाका थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की लगभग पूरी मशरूका और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
परिवार के बाहर जाते ही मकान को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, अरिहंत नगर सरोना निवासी रवि कान्त गुप्ता 28 जुलाई 2026 को परिवार के साथ घर से बाहर गए थे। मकान में ताला लगा हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने सूने घर को निशाना बनाया।
चोरों ने पहले मकान का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने आलमारी के लॉकर को भी तोड़ दिया। घर में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घर लौटने पर परिवार को चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद तत्काल आमानाका थाना पुलिस को सूचना दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 231/26 दर्ज कर जांच शुरू की।
चोरी की घटना में सामने आए अहम तथ्य
- सूने मकान का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया गया।
- आलमारी के लॉकर को भी तोड़ा गया।
- सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी हुई।
- चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई गई।
- वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जब्त की।
- दोनों आरोपियों को घटना के करीब 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
हजारों CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिला सुराग
वारदात की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की लगातार निगरानी की। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा आमानाका थाना पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के हजारों फुटेज खंगाले गए।
फुटेज में संदिग्ध लोगों और वाहनों की आवाजाही का विश्लेषण किया गया। तकनीकी माध्यमों से मिले इनपुट को पुराने आपराधिक मामलों से जोड़कर आरोपियों की पहचान की कोशिश की गई।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई।
दो आरोपियों को दबोचा
तकनीकी जांच और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने करण तांडी उर्फ केडे और लक्ष्मी नारायण गोस्वामी उर्फ मोंटी को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, शुरुआत में दोनों ने चोरी में अपनी भूमिका से इनकार किया। हालांकि, जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाई गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया।
बरामद सामान में शामिल हैं—
- सोने के जेवरात
- चांदी के आभूषण
- नकदी
- अन्य चोरी का सामान
- वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल
पुलिस के मुताबिक, बरामद संपत्ति और वाहन की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये है।
पहले भी अपराधों में सामने आ चुका है नाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उनके पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रायपुर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं में भी उनकी भूमिका रही है या नहीं।
आरोपी लक्ष्मी नारायण गोस्वामी उर्फ मोंटी के खिलाफ पंडरी थाना क्षेत्र में चोरी का एक अन्य मामला भी दर्ज बताया गया है।
12 जुलाई 2026 को दुबे कॉलोनी स्थित श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज कैंपस में एसी के कॉपर वायर चोरी होने की घटना सामने आई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 204/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के बाद से मोंटी फरार चल रहा था।
पुलिस अब अन्य वारदातों से जोड़कर कर रही जांच
आमानाका मामले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उनके संभावित अन्य अपराधों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अकेले वारदात की या उनके साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था।
इस कार्रवाई में CCTV फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और पुराने अपराधों के रिकॉर्ड ने अहम भूमिका निभाई। महज 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 60 लाख रुपये की चोरी का माल बरामद करना पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और मामले की आगे की विवेचना जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग भी सामने आ सकते हैं।




