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सीएम योगी का बड़ा ऐलान: आंगनबाड़ी बच्चों को हर साल मिलेंगी दो यूनिफॉर्म, 70 हजार केंद्रों की बदली तस्वीर

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में नौवें पोषण माह के शुभारंभ समारोह के दौरान यह घोषणा की।

सीएम योगी ने कहा कि बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने पर सरकार लगातार काम कर रही है। यूनिफॉर्म मिलने से बच्चों में समानता की भावना बढ़ेगी और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था भी स्कूल जैसी दिखाई देगी।

हर साल दो यूनिफॉर्म का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को अब साल में दो यूनिफॉर्म दी जाएंगी। यह कदम छोटे बच्चों को बेहतर वातावरण देने और उन्हें केंद्रों से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण और शुरुआती शिक्षा के साथ उनकी नियमित उपस्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यूनिफॉर्म की व्यवस्था बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए आकर्षण का कारण बन सकती है।

2017 से पहले की व्यवस्था पर योगी ने साधा निशाना

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के कार्यकाल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब थी।

सीएम योगी के मुताबिक, उस समय बच्चों को जरूरी पोषाहार समय पर नहीं मिल पाता था। कई जगहों पर महीनों तक पोषाहार की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें थीं। उन्होंने दावा किया कि बच्चों को बैठने तक के लिए घर से टाट लाना पड़ता था।

उन्होंने पेयजल, शौचालय और गर्म भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी उल्लेख किया।

70 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में लगातार सुधार किया गया है।

सरकार के मुताबिक, पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र भी तैयार किए जा रहे हैं।

इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों को पोषण, शुरुआती शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

35.46 लाख बच्चों को मिल रहा गर्म भोजन

पोषण माह के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बच्चों को दी जा रही पोषण संबंधी सुविधाओं की जानकारी भी साझा की।

उन्होंने बताया कि फिलहाल करीब 35.46 लाख बच्चों को हॉट कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा करीब 46 लाख बच्चों के वजन और स्टंटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है।

पोषाहार वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए टेक होम राशन व्यवस्था को भी तकनीक से जोड़ा गया है।

पोषण व्यवस्था में किए गए प्रमुख बदलाव

  • 35.46 लाख बच्चों को गर्म भोजन दिया जा रहा है।
  • करीब 46 लाख बच्चों के वजन और स्टंटिंग की निगरानी की जा रही है।
  • टेक होम राशन के लिए 204 टीएचआर प्लांट स्थापित किए गए हैं।
  • पोषाहार की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ाई गई है।
  • परिवहन व्यवस्था पर नजर रखने के लिए GPS ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  • आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक स्वरूप देने पर जोर दिया जा रहा है।

यूपी के 24 हजार आंगनबाड़ी केंद्र होंगे अपग्रेड

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी पोषण और बच्चों के बेहतर भविष्य को मजबूत भारत की नींव बताया। उन्होंने जानकारी दी कि देशभर में 2 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है।

इनमें उत्तर प्रदेश के 24 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने की मंजूरी मिल चुकी है।

सरकार का फोकस क्या है?

आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को सिर्फ पोषण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उनके शुरुआती विकास, स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकता है। यूनिफॉर्म से लेकर गर्म भोजन, वजन की निगरानी और आधुनिक केंद्रों तक की योजनाओं को इसी दिशा में एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

सीएम योगी की नई घोषणा के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को हर साल दो यूनिफॉर्म मिलने का रास्ता साफ हुआ है। आने वाले समय में 24 हजार केंद्रों के अपग्रेड होने के बाद इन केंद्रों की सुविधाओं में और विस्तार देखने को मिल सकता है।

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