


रायपुर/भिलाई। रायपुर से एक युवक के कथित अपहरण, लूट और उसके साथ बेरहमी से सामूहिक मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दुर्ग जिले से आए आरोपियों ने युवक अनिकेत को मोवा इलाके से कार में बैठाया और अलग-अलग स्थानों पर ले जाते हुए उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि उसके जेवर, मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद भी छीन लिए गए। इसके बाद उसे भिलाई ले जाकर कई अन्य युवकों के साथ मिलकर इतना पीटा गया कि हमले में दो बेसबॉल बैट और एक क्रिकेट बैट तक टूट गया। मेडिकल जांच में अनिकेत के जबड़े में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर सामने आने के बाद उसे उपचार के लिए रायपुर डेंटल कॉलेज रेफर किया गया है।
घटना 10 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के अनुसार अरमान सिद्दीकी, रोशन सोनी, मुदित मिश्रा और शिव सोनी ने दलदल सिवनी रोड, मोवा से अनिकेत को एक वरना कार में बैठाया। आरोप है कि कार में बैठाने के बाद ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। इसके बाद उसे माना की ओर ले जाया गया, जहां भी कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बाद आरोपी अनिकेत को कार से भिलाई की ओर लेकर निकले। कुम्हारी टोल प्लाजा के आसपास कार के भीतर ही उससे ब्रेसलेट, गले की चेन, अंगूठी, दो मोबाइल फोन और 40 हजार रुपये नकद छीन लिए गए। बताया गया है कि यह 40 हजार रुपये अनिकेत के दोस्त के थे, जो उससे रकम लेने आने वाला था। आरोप है कि दोस्त के पहुंचने से पहले ही रकम उससे छीन ली गई। उसके मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक अनिकेत को भिलाई स्थित एक मैदान में ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद पांच-छह अन्य युवक भी पहुंच गए। इसके बाद वहां मौजूद करीब 10-11 लोगों ने उसे घेरकर कथित रूप से सामूहिक मारपीट की। आरोप है कि अनिकेत पर बेसबॉल बैट और क्रिकेट बैट से लगातार हमला किया गया। पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि हमले के दौरान दो बेसबॉल बैट टूट गए, जबकि एक क्रिकेट बैट भी टूट गया। पीड़ित पक्ष ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए आरोप लगाया है कि अनिकेत को गंभीर नुकसान पहुंचाने की नीयत से उसके साथ मारपीट की गई। इस पूरे घटनाक्रम में रोशन सोनी के ज्वेलरी व्यवसाय से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की विस्तृत जांच पुलिस स्तर पर की जानी है।
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से एक और गंभीर दावा किया गया है। बताया गया कि मारपीट के कारण अनिकेत के कपड़े फट गए थे। भिलाई ले जाने के दौरान आरोपी कथित रूप से एक व्यक्ति से मिले। पीड़ित के अनुसार वह व्यक्ति खाकी वर्दी में था और उसने ऊपर जैकेट पहन रखी थी। अनिकेत का दावा है कि उसने कार में बैठे हुए बातचीत सुनी। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने पहले घायल को कपड़े दिलाने और उसके बाद थाने पहुंचकर उसके खिलाफ शिकायत करने की सलाह दी, ताकि उसे ही थाने में बैठाया जा सके। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर जामुल थाना पहुंचे और खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने का प्रयास किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित व्यक्ति की पहचान जांच का विषय है।
मामला जामुल थाना पहुंचने के बाद थाना प्रभारी राकेश कुटेश्वर ने घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रोशन सोनी और अरमान सिद्दीकी से पूछताछ की गई। इस दौरान उनके बयानों में कथित तौर पर विरोधाभास सामने आया। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने तीन बार अपने बयान बदले। घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामले में किडनैपिंग और लूट जैसे गंभीर आरोपों के तहत अपराध दर्ज किया है। दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल के निर्देशन में आगे की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
जामुल थाना पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण के लिए भेजे जाने के बाद अनिकेत का चंदूलाल चंद्राकर शासकीय अस्पताल में मुलायजा कराया गया। जांच में उसके जबड़े में तीन स्थानों पर फ्रैक्चर मिलने की बात सामने आई। चोट की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल रायपुर रेफर कर दिया। इसके बाद अनिकेत को जबड़े के उपचार के लिए रायपुर डेंटल कॉलेज भेजा गया। पीड़ित पक्ष के मुताबिक उसके चेहरे पर काफी सूजन है और मुंह से खून आने की शिकायत रही। चोट के कारण उसे बोलने में भी परेशानी हो रही है। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें होने की बात कही गई है।
अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना जांच का अहम हिस्सा होगा। मोवा से युवक को कथित रूप से कार में बैठाने से लेकर माना, कुम्हारी टोल प्लाजा और फिर भिलाई तक कार की आवाजाही की जांच से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, टोल प्लाजा के रिकॉर्ड, संबंधित लोगों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल घटनाक्रम की पुष्टि में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इसी तरह कथित रूप से छीने गए ब्रेसलेट, चेन, अंगूठी, मोबाइल फोन और नकदी की बरामदगी भी मामले में अहम होगी। इसके अलावा उस कथित खाकी वर्दीधारी व्यक्ति की पहचान और भूमिका स्पष्ट करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है, जिसके संबंध में पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। यह भी पता लगाया जाना बाकी है कि घटनास्थलों पर और कौन-कौन लोग मौजूद थे तथा किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही। रायपुर से शुरू होकर भिलाई तक पहुंचे इस घटनाक्रम में अपहरण, लूट और सामूहिक मारपीट जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। फिलहाल आरोपों की पूरी सच्चाई, घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और वारदात के पीछे की वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




