


रायपुर। राजधानी में ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की सड़क सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने विभिन्न ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों और फर्मों के संचालकों व मैनेजरों की बैठक ली। बैठक में डिलीवरी बॉय के लिए यातायात नियमों का पालन, पुलिस चरित्र सत्यापन और तय समय सीमा में सामान पहुंचाने के दबाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, डिलीवरी डॉट कॉम, ब्लिंकिट सहित अन्य डिलीवरी कंपनियों के मैनेजर और प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीश ठाकुर और सहायक पुलिस आयुक्त यातायात रमेश येरेवार भी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों से स्पष्ट कहा कि उनके यहां काम करने वाले सभी डिलीवरी एजेंट यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। सामान जल्द पहुंचाने के चक्कर में सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। डिलीवरी कर्मचारियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से वाहन चलाने के निर्देश देने की जिम्मेदारी कंपनियों की भी है।
बैठक में डिलीवरी एजेंटों के लिए हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य करने, रॉन्ग साइड वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। इसके साथ ही अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से बचने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास को ध्यान में रखते हुए सभी डिलीवरी कर्मचारियों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए। कंपनियों से कहा गया कि उनके यहां कार्यरत प्रत्येक डिलीवरी कर्मी का पुलिस चरित्र सत्यापन कराया जाए। ऑनलाइन डिलीवरी कर्मचारी सीधे लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों तक पहुंचते हैं, ऐसे में कर्मचारियों का सत्यापन सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। बैठक का सबसे अहम मुद्दा डिलीवरी के लिए तय की जाने वाली समय सीमा रहा।




