छत्तीसगढ़रायपुर

साहेब है तो आपदा में भी आस है:बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा के लिए तत्काल उठाया कदम, सुरक्षित भवन में कराया गया शिफ्ट

बाढ़ के बीच राहत, सुरक्षा और संवेदना के साथ प्रभावित परिवारों के बीच खड़े मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

आपदा में सेवा का संकल्प, बाढ़ प्रभावितों तक पहुंची राहत:मंत्री गुरु खुशवंत साहेब

आरंग/रायपुर, 26 सितंबर 2026। लगातार बारिश के बीच नगर पंचायत समोदा में नदी किनारे बसे परिवारों और समोदा के समीप ग्राम पंचायत कागदेही के बाढ़ प्रभावित लोगों की स्थिति को देखते हुए मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक गुरु खुशवंत साहेब जी ने तत्परता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था कराई। प्रभावित परिवारों को समोदा के महाविद्यालय भवन,सामुदायिक भवन में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया गया, जहां उनके रहने और आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री, राशन, कपड़े, गर्म कपड़े एवं अन्य जरूरी सामान वितरित किए गए। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने स्वयं प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी परिवार को इस आपदा के दौरान आवश्यक वस्तुओं की कमी न हो।

*सुरक्षा भी, संवेदना भी और तत्काल सहायता भी*
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा कि आपदा के समय सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की जान और सुरक्षा है। इसी उद्देश्य से नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों का लगातार आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री एवं अन्य जरूरी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि सामुदायिक भवन में ठहराए गए परिवारों के भोजन, पेयजल, राशन, कपड़े, गर्म कपड़े तथा दैनिक उपयोग की अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी जरूरत पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने कहा, “संकट की इस घड़ी में कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे। मैं और पूरा प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़े हैं। आपकी सुरक्षा और सहायता हमारी जिम्मेदारी है।

*साहेब है तो आपदा में भी आस हैं।*

 

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