छत्तीसगढ़

राजनांदगांव : बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं ने होम वोटिंग कर लोकतंत्र में निभाई अपनी सहभागिता

मतदान अधिकारियों ने चिन्हांकित मतदाताओं के घर जाकर कराया मतदान

राजनांदगांव ।लोकतंत्र के महापर्व में पोस्टल-बैलेट के माध्यम से होम वोटिंग के लिए 85 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के वृद्धजन तथा 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं के घरों तक मतदान दलों ने दस्तक दी है, जो मतदान केन्द्रों तक जाने में असमर्थ हैं। लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए मतदान अधिकारियों द्वारा शहर से लेकर गांव तक चिन्हांकित बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर-घर जाकर होम वोटिंग कराया गया। होम वोटिंग कराने गये मतदान अधिकारियों को घर के दहलीज में देखकर दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के चेहरे पर मुस्कान और उल्लास देखते बनी। दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं ने लोकतंत्र में हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की। इसके लिए मतदाताओं ने भारत निर्वाचन आयोग और मतदान अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग और 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा दी है। जिसके तहत आज पूरे जिले में मतदान अधिकारियों द्वारा चिन्हांकित बुजुर्ग और दिव्यांगजनों का होम वोटिंग कराया गया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पात्र बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का लोकतंत्र में भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए होम वोटिंग के माध्यम से मताधिकार के प्रयोग की यह अभूतपूर्व पहल ऐतिहासिक है। जिले के बुजुर्ग एवं दिव्यांगजनों ने होम वोटिंग सुविधा का लाभ लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में लोकसभा निर्वाचन 2024 हेतु संयुक्त जिला कार्यालय से होम वोटिंग के लिए सामग्री वितरण कर मतदान दल को रवाना किया गया। जिले में विशेष मतदान दलों द्वारा कड़ी मेहनत करके होम वोटिंग कराया जा रहा है। राजनांदगांव शहर के लखोली सतनामीपारा निवासी 55 वर्षीय श्री तेजदास साहू ने घर पर मतदान अधिकारियों को देखकर बहुत खुशी जाहिर की। श्री साहू ने बताया कि वे पिछले विधानसभा निर्वाचन में भी घर पर ही वोट दिया था। श्री साहू ने बताया कि वे दोनों पैर और हाथों से दिव्यांग है। जिसके कारण मतदान केन्द्र में जाने में समस्या होती थी। वे प्रत्येक निर्वाचन के दौरान आटो या अन्य साधन द्वारा बूथ में जाकर वोट देते थे और लोकतंत्र का हिस्सा बनते थे। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की सराहनीय पहल है जिसके कारण दिव्यांगजनों को वोट देने में आसानी हुई है। लखोली सतनामी पारा 27 वर्षीय श्रीमती तरूणा सतनामी बचपन से ही दिव्यांग है। श्रीमती तरूणा ने भी होम वोटिंग कर अपने मताधिकार का उपयोग किया। डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र की ग्राम खैरी निवासी दृष्टिबाधित दिव्यांग अहिल्या वर्मा ने बताया कि पहले मतदान कराने के लिए उनके बड़े भाई ले जाते थे। अहिल्या ने बताया कि मतदान दल घर में आने से बहुत अच्छा लगा। जिससे बिना किसी असुविधा के लोकतंत्र का हिस्सा बनने का मौका मिला। अहिल्या ने भारत निर्वाचन आयोग की इस अनूठी पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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