उत्तर प्रदेश

कानपुर में दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार में जा रहे 3 दोस्तों की मौत, 50 मीटर तक शव के चीथड़े मिले

कानपुर, कानपुर के रेउना थाना क्षेत्र शाखा जनवारा गांव में गुरुवार दोपहर हुए सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई। अंतिम संस्कार में जाते समय दूध लदे टैंकर ने टक्कर मार दी। इसके बाद सड़क पर गिरे तीनों युवकों को रौंद दिया। परिजनों व ग्रामीणों ने घटनास्थल पर शव रखकर जाम लगा दिया। दो बीघा जमीन, आवास और पांच लाख मुआवजे के लिखित आश्वासन पर शांत हुए। घाटमपुर के नौबस्ता पश्चिमी मोहल्ला निवासी 70 वर्षीय प्रेमा देवी और इसी मोहल्ले की 19 वर्षीय श्रृष्टि की बुधवार को बीमारी से मौत हो गई थी।

उन्ही के अंतिम संस्कार में जाने के लिए पड़ोसी 35 वर्षीय बलवान चचेरे भाई 32 वर्षीय अजय और दोस्त 20 वर्षीय सूरज के साथ बाइक से घाट जा रहा था। जनवारा गांव के पास भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने के चक्कर में दूध के टैंकर ने तीनों को रौंद दिया। एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि टैंकर चालक पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। परिजनों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।

50 मीटर तक शव के चीथड़े मिले

रेउना के शाखा जनवारा गांव में गुरुवार दोपहर को हुआ सड़क हादसा इतना भयावह था कि जिसने देखा उसका कलेजा कांप उठा। घटनास्थल से 50 मीटर दूर तक शव के चीथड़े सड़क पर फैले हुए थे। देखने से भी अंदाजा नहीं लग रहा था कि सड़क पर फैले चीथड़े किसके और किस हिस्से के हैं। राहगीर भी हादसा देखकर वाहनों में ब्रेक लगा वहीं खड़े हो गए। हादसे की जानकारी पर मृतकों के गांव पहुंची तो ग्रामीणों के साथ परिजन घटनास्थल पहुंचे। गांव के रमेश कुमार, विकास और श्यामादेवी जैसे ही शवों के पास पहुंचे तो दशा देखकर उल्टियां करने लगे।

शवों को निकालने के लिए बुलानी पड़ी क्रेन

टैंकर के पिछले दो टायरों के बीच बुरी तरह फंसे तीनों शवों को निकालने के लिए पुलिस ने क्रेन मंगाई। टैंकर को उठाने के बाद शव बाहर निकाले गए तो शवों की दशा देखकर पुलिसकर्मी भी विचलित हो गए। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों विवाहित थे। तीनों की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवारों में कोहराम मच गया। दो मौतों से कुछ ही देर पहले शांत हुआ रुदन अब क्रंदन में बदल चुका था। तीनों परिवार से रह-रहकर चीखने की आवाजें आने लगीं।

बेटे को छाती से लगा रोती रही पत्नी

मृतक बलवान के परिवार में पत्नी रिंकी और एक बेटा है। पति की मौत की खबर सुनकर रिंकी चीख पड़ी। एक पल के लिए उसे विश्वास ही नहीं हुआ कि यह क्या हो गया। बेटे को छाती से लगाकर बस वह रोए जा रही थी।

अजय के हैं चार बच्चे, पत्नी बेसुध

मृतक अजय कुमार के परिवार में पत्नी रीना, तीन बेटियां और एक बेटा है। उसके परिवार का भी यही हाल था। बलवान और अजय चचेरे भाई हैं। एक ही परिवार के दो भाइयों की मौत पर ग्रामीण स्तब्ध थे। महिलाओं का चीत्कार सुनकर ग्रामीणों के दिल भी दहल उठे।

गमगीन रहा माहौल

हादसे से कुछ घंटे पहले ही प्रेमा देवी और श्रृष्टि की मौत से माहौल गममीन था। लेकिन कुछ घंटों के अंतराल में तीन और मौतें हो गईं। हादसे में हुई मौतों के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे की जानकारी जिसको भी मिली वह दौड़ते हुए पहुंचा। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा छा गया।

सूरज की मौत से सदमे में परिवार

सूरज कुमार के परिवार में पत्नी प्रतिष्ठा और दो मासूम बच्चे हैं। तीनों के घरों में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा। परिवार में बेटों की मौत से जहां परिजन परेशान थे, वहीं परिवार चलाने की चिंता भी उन्हें सता रही थी। सूरज कुमार के परिवार में पत्नी प्रतिष्ठा और दोमासूम बच्चे हैं। तीनों के घरों में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा। परिवार में बेटों की मौत से जहां परिजन परेशान थे, वहीं परिवार चलाने की चिंता भी उन्हें सता रही थी।

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