छत्तीसगढ़

एसईसीएल हसदेव एरिया का मामला* *विजिलेंस की गाईडलाईन का हो रहा उल्लंघन

मनेन्द्रगढ़।एसईसीएल का हसदेव एरिया इन दिनों सुर्खियों में हैं कारण कि यहाँ ख़रीदी प्रक्रिया में संलग्न अधिकारी जमकर भ्रष्टाचार कर टेंडर में अनियमितता कर रहे हैं। आये दिन नियमो को दरकिनार कर मनमानी करने में उतारू है ।
हसदेव एरिया में कुरजा उपक्षेत्र में पदस्थ उपक्षेत्रीय अभियंता मोहनीश टण्डन और बिजुरी उपक्षेत्रीय अभियंता नरेश मिथाथारा जो कि विगत 11 वर्षों से हसदेव एरिया में पदस्थ हैं इनके द्वारा जेएम पोर्टल टेंडर भी भ्रष्टाचार से अछूता नही हैं। जेएम पोर्टल टेंडर कम्प्लीट करने में दो साल लग जा रहे हैं जबकि ऑफलाइन जब टेंडर होते थे,तब भी इतने टाईम नही लगते थे। इस संबंध में एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के सप्लायर्स बताते हैं कि हसदेव क्षेत्र में ये आम बात हैं कि टेंडर ओपनिंग के बाद कम से कम एक- दो साल तक फाईल ये दोनो इंजीनियर दबाए रहते हैं ताकि एल-1 पार्टी उनसे संपर्क करे और वे मनमाना कमीशन ले सके। जब तक कि एल-1 पार्टी इन्हें इनके इच्छानुसार कमीशन नही देती तब तक उन्हें सप्लाई आर्डर नही मिलता,भले ही वे एल-1 बिडर्स हो।
*टेंडर किये एक साल से अधिक,पर आज तक प्रक्रिया नही बढ़ी*
एसईसीएल हसदेव क्षेत्र में जेएम पोर्टल के माध्यम से बिड नम्बर- GEM/2023/B/3197340 एवं बिड नम्बर-GEM/2023/B/3197313 दिनाँक 27 फरवरी 2023 को निकाला गया जिसकी टेंडर ओपनिंग डेट 10 मार्च 2023 थी। आज दिनाँक तक इन टेंडरों को नही खोला गया ,जबकि उसी समय के एक अन्य बिड GEM/2023/B/3197276 दिनाँक 27/02/2023 अंतिम तिथि 10 मार्च 2023 को कम्प्लीट कर लिया गया ।जबकि नियम हैं कि टेंडर को संवेदशील विषय माना जाता हैं इतने महीनों तक पेंडिंग नही रखा जाता हैं।
*एल-1 होने के एक साल बाद भी पार्टी को वर्कआर्डर नही*
टेंडर में मनमानी का आलम यह हैं कि मेटेरियल ख़रीदी के टेंडर में चिरमिरी की पार्टी को एल-1 हुए 1 साल से भी अधिक समय बीत गए,लेकिन पार्टी द्वारा कमीशन नही मिलने के कारण आज तक सप्लाई आर्डर जारी नही किये जो घोर आर्थिक अनियमितता को दर्शाता हैं।
*एक ही एरिया में 11 साल से पोस्टिंग भ्रष्टाचार की वजह*
हसदेव एरिया के सप्लायर्स नाम न छापने की शर्त पर हमारे प्रतिनिधि को बताते हैं कि मोहनीश टन्डन 11 साल से हसदेव एरिया में पोस्टेड हैं और बीते 2 साल से कुरजा सब एरिया इंजीनियर के साथ साथ मेटेरियल मैनेजर, वर्कशॉप इंचार्ज,एरिया सेकंड मेन की भूमिका निभा रहे हैं जबकि टन्डन से वरिष्ठ ई-7 रैंक के वरिष्ठ अधिकारी रजनीश लाखेरा हैं लेकिन सप्लायरों से वसूल कर मोटी कमीशन अपने उच्चाधिकारियों को देने के कारण इन्हें विशेष कृपा प्राप्त हैं। यथास्थिति नरेश मिथाथरा की है जो 11 साल से हसदेव एरिया में जमा हुआ हैं।
*कारगुजारी जो अनियमितता की श्रेणी में आते हैं*
कम्पनी के परचेज मैन्यूअल में स्पष्ट निर्देश हैं कि यूनिट सब एरिया लेवल पर कोई भी मैटेरियल परचेज नही करना हैं, सारी मैटेरियल ख़रीदी एरिया परचेज सेल एमएम डिपार्टमेंट के द्वारा होना हैं लेकिन इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2023-24 में यूनिट लेवल पर ख़रीदी की गई। विजिलेंस का स्पष्ट निर्देश हैं कि स्प्लिट यानी खंड-खंड में कोई भी मैटेरियल नही खरीदा जाए, सारे यूनिट के रिकवायरमेन्ट मंगाकर बल्क में एरिया परचेज सेल से खरीदी की जाए पर हसदेव एरिया में एक ही आईटम की खरीदी अलग अलग यूनिट से की गई जो कि भ्रष्टाचार का जीवंत उदाहरण हैं।
*क्या कहता हैं विजिलेंस गाइड लाइन* जानकार बताते हैं कि विजिलेंस की गाईडलाईन के मुताबिक मेटेरियल ख़रीदी प्रक्रिया को कम्पनी एक गम्भीर संवेदनशील प्रक्रिया मानती है और इसमें शामिल अधिकारी तो 3 साल से अधिक समय एक ही जगह में नही रह सकते पर हसदेव एरिया में कीर्तिमान बनाने में अधिकारी लगे हुए हैं,और विजिलेंस खानापूर्ति में लगा हुआ हैं।

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