रायपुर के एसएसपी संतोष सिंह ने की नशे से दूर रहने की अपील
अग्रसेन महाविद्यालय में हुआ संवाद कार्यक्रम
युवाओं को नशे और अपराध के प्रति जागरूक करने की जरुरत
रायपुर के एसएसपी संतोष सिंह ने की नशे से दूर रहने की अपील
रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय में आज पत्रकारिता एवं समाज कार्य विभाग द्वारा युवाओं के लिए एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह तथा पत्रिका समाचार पत्र के स्टेट हेड राजेश लाहोटी एवं संपादक प्रदीप जोशी ने – “युवाओं में बढ़ता नशा और अपराध —- “ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये.
इस अवसर पर रायपुर के एसएसपी संतोष सिंह ने कहा कि आजकल संचार-क्रांति के कारण युवाओं के पास मोबाइल फोन पर ही दुनिया भर की जानकारी उपलब्ध है. इसमें ऐसी जानकारियां भी उन्हें आसानी से मिल रही हैं, जो उनका भविष्य ख़राब कर सकती हैं. इसी खतरे के प्रति युवाओं और उनके पालकों को जागरूक रहने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि एक समय भारत का सबसे समृद्ध राज्य पंजाब हुआ करता था जो नशे के कारण उड़ता पंजाब में तब्दील हो गया. अभी छत्तीसगढ़ भी शराब जकी खपत में देश में सबसे पहले स्थान पर है और गांजा की खपत में चौथे नम्बर पर है
पत्रिका समाचार पत्र के स्टेट हेड राजेश लाहोटी ने कहा कि समाज में संचार और सूचना का जिस तरह से विस्तार हो रहा है, उसका सबसे ज्यादा खतरा युवा वर्ग को ही है. उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक समय में यदि अपराध और नशे से युवा वर्ग को सचेत नहीं किया गया, तो समाज गंभीर संकट में घिर सकता है.
अपने संबोधन में पत्रिका अखबार के रायपुर संस्करण के संपादक प्रदीप जोशी ने कहा कि आज के युवा को हर पल एक नई चुनौती से जूझना पद रहा है. जिस सोशल मीडिया से युवा वर्ग बुरी तरह से प्रभावित है, उसी मीडिया से युवाओं को खतरा भी है. क्योंकि इसका विस्तार देश की सीमा से भी परे है. उन्होंने कहा कि, चाहे नशा हो, या अपराध- आज के युवाओं की ज्यादातर परेशानियाँ सोशल मीडिया के कारण ही पैदा हो रही हैं. इस खतरे को समझदारी और परिवार के सहयोग से ही दूर किया जा सकता है.
इस अवसर पर महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वी.के. अग्रवाल ने कहा कि समाज के सामने आज जिस तरह का खतरा है, वह पहले कभी नहीं था. इससे निबटने के लिए युवाओं से ज्यादा सावधान परिवार के मुखिया और बड़ों को ही होना होगा. महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के सचिव एवं महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में, बच्चों को उनके खेलने की उम्र से ही, स्पर्धा के घेरे में डाल दिया जाता है. यही बच्चा, युवा होकर विद्रोही और अपराधी बन सकता है. इसलिए हमें ही इस समस्या की जड़ तक पहुंचना होगा. अंत में सभी अतिथियों को महाविद्यालय परिवार की ओर से शाल और श्रीफल भेंटकर उनका अभिनन्दन किया गया.
आभार प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि आज का युवा बचपन से महत्वाकांक्षी बन जाता है. जब यह अपेक्षा पूरी नहीं हो पाती, तो बड़े होने पर यही अपेक्षा उसे नशे और अपराध की तरफ ले जाती है. इसे समझकर ही हम समस्या का समाधान कर सकते हैं.
कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. विभाष कुमार झा ने किया. आज के कार्यक्रम का संयोजन समाज कार्य संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. मो. रफीक, पत्रकारिता प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ डॉली पाण्डेय, प्रो रुखमणि अग्रवाल, प्रो. नीलू अग्रवाल, प्रो. हेमंत सहगल, प्रो ऋतु लता तारक और प्रो वैशाली रामटेके ने किया. कार्यक्रम में सभी प्राध्यापकों और छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई.


