शरीर में होने लगती हैं ये परेशानियां, इन बीमारियों में खाते हैं दवा तो बंद करने से पहले जान लें नुकसान

बीमार होने पर सभी दवाईयां खाते हैं। कुछ दवाईयां हफ्तों या महीनों के लिए होती हैं तो कुछ बीमारियों में दवाओं को लगातार खाने की सलाह डॉक्टर देते हैं। लेकिन बहुत सारे लोग इन दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के अचानक से खाना बंद कर देते हैं। अगर आप भी इस तरह की गलती करते हैं तो जान लें। इन बीमारियों में दवाओं को अचनाक से बंद कर देने पर शरीर को क्या नुकसान होने लगता है।
हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अक्सर बीपी नॉर्मल रखने के लिए दवाईयां दी जाती है। जिन्हें हर दिन मरीज को खाना पड़ता है। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को बंद करने से काफी सारी हेल्थ से जुड़ी दिक्कतें होने लगती है। हाई बीपी की दवा हार्ट पम्प कंट्रोल करने, शरीर में पानी और नमक को कितनी मात्रा में बाहर निकालना है, को भी मेंटेन करता है। ऐसे में दवा को अचानक से बंद कर देने की वजह से स्ट्रोक, आर्टरी में डैमेज, किडनी फेलियर जैसी समस्याएं होने का डर रहता है।
थायराइड की दवाएं
थायराइड की दवा भी एक बार शुरू हो जाने के बाद लंबे समय तक चलती हैं। अगर थायराइड की दवा को अचानक से खाना बंद कर दिया जाए (खासतौर पर हाइपर थायराइड जिसमे थायराइड ग्रंथियां ज्यादा एक्टिव होती है) तो थायराइड स्ट्रॉम आने का खतरा रहता है। जिसकी वजह से मरीज की जान को खतरा तक हो सकता है। यहीं नहीं दिल की तेज धड़कन, बुखार, बेहोशी और कोमा जैसी स्थिति तक हो जाती है।
डिप्रेशन की दवाएं
डिप्रेशन से पीड़ित मरीजों को एंटी डिप्रेशेंट दवाएं डॉक्टर देते हैं। जो दिमाग में बनने वाले केमिकल को प्रभावित करती हैं। जब मरीज थोड़ा बेहतर फील करने लगते हैं तो दवा खाना बंद कर देते हैं। जिसकी वजह से बेहोशी, फ्लू जैसे लक्षण, पेट में दर्द और यहां तक कि इलेक्ट्रिस शॉक सेंसेशन दिमाग में महसूस होने लगता है। इसलिए बिना डॉक्टर के पूछे इन दवाओं को खाना बंद नहीं करना चाहिए।
ब्लड थिनर्स
जिन लोगों को स्ट्रोक आने, हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा होता है उन्हें डॉक्टर ब्लड थिनर की दवाएं देते हैं। जिससे खून का थक्का ना जमे और स्ट्रोक और हार्ट अटैक ना आ जाए। इन दवाओं को अगर अचानक से खाना बंद कर दिया है तो इससे खून में थक्के जमने, स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
एंजायटी की दवाएं
एंजायटी में दी जाने वाली खास तरह की दवाओं को भी भूल कर भी बिना डॉक्टरी सलाह के बंद नहीं करना चाहिए।
मिर्गी की दवाएं
मिर्गी, नसों में होने वाल दर्द, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम में दी जाने वाली दवाओं को भी अचानक से बंद कर देने से बीमारी में होने वाली समस्याओं के बढ़ने का खतरा रहता है।