धर्म - आध्यात्मरायपुर

आप जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा : पूज्य पंन्यास श्रमणतिलक विजय जी

आत्मकल्याण वर्षावास 2024

आप जैसा कर्म करोगे, वैसा ही फल मिलेगा : पूज्य पंन्यास श्रमणतिलक विजय जी

रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित वर्धमान जैन मंदिर के मेघ-सीता भवन में चल रहे आत्मकल्याण वर्षावास 2024 की प्रवचन श्रृंखला में बुधवार को परम पूज्य श्रमणतिलक विजय जी ने 63 शलाका ग्रंथ पर आधारित भगवान महावीर स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रवचन करते हुए बताया कि हमने पूर्व में कितने भव बिता चुके हैं लेकिन आज तक हमें मोक्ष प्राप्त नहीं हुआ है । इस भव में भी समय निकलता जा रहा है और हम कर्मों के बंधन में बंधते जा रहे हैं। समय के साथ-साथ मन में इच्छा जागृत होती जा रही है, इच्छा से पाप और पाप से आपके कर्म बंधते जा रहे हैं। आप अभी भी इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन यह ठहर जाने का समय है। आज यहां कल वहां घूमने से कोई मतलब नहीं है मोक्ष को प्राप्त करना है तो लक्ष्य बनाकर धर्म की राह पर चलना शुरू कर दें।

मुनिश्री ने कहा कि आज आपको खुद का एनालिसिस करना है क्योंकि कर्मसत्ता बहुत पावरफुल है। वह आपके दोषों को छोड़ने वाली नहीं है। आप किसी के भरोसे मत रहिए और ना भगवान के भरोसे रहिए क्योंकि कर्म सत्ता से आपको कोई भी नहीं बचा पाएगा इसलिए कहा जा रहा है कि आप अपना आंकलन खुद ही कीजिए कि आप किस जगह पर खड़े हैं और आपको क्या करने की जरूरत है। क्योंकि जैसा आप कर्म बांधोगे, वैसी ही सजा आपको मिलेगी और कोई आपको बचा भी नही पाएगा। वैसे हीआप अपने आप को सबसे बेहतर तरीके से जान सकते हैं, कोई और नहीं बता पाएगा कि आपको क्या करना है और क्या नहीं, तो देर क्यों कर रहे हो। आज आप मंदिर जाते हो भगवान के सामने तो भी आपके मन में पैसा और शरीर के प्रति ही सोच रहती है। हम मंदिर के अंदर केवल भगवान की मूर्ति को देखते हैं लेकिन भगवान नहीं। जबकि मंदिर में आपको भगवान दिखना चाहिए नहीं तो मंदिर जाने का कोई मतलब नहीं होगा।

*दादा गुरुदेव की प्रतिमा, अखंड दीपक और कलश की हुई स्थापना*

श्री मेघराज बेगानी धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री धर्मराज जी बेगानी और आत्मकल्याण वर्षावास समिति के अध्यक्ष अजय कानूगा ने बताया कि न्यू राजेंद्र नगर स्थित वर्धमान जैन मंदिर में आत्मकल्याण वर्षावास 2024 के अंतर्गत चल रहे प्रवचन श्रृंखला में भगवान महावीर के जीवन को सूक्ष्मता से जानने का अवसर मिल रहा है। प्रतिदिन सुबह 9ः00 से 10ः00 बजे मंदिर में मुनिश्री की प्रवचनमाला जारी है। आप सभी इसका अधिक से अधिक लाभ ले और अपने जीवन को सफल बनाए। वर्धमान जैन मंदिर में जप-तप और साधना के क्रम में 29 अगस्त से 11 दिवसीय दादा गुरूदेव इकतीसा जाप प्रारंभ होने जा रहा है। इकतीसा जाप निमित्त चढ़ावे में कलश स्थापना के लाभार्थी कमलादेवी पुखराज, अनिल कुमार, संध्या देवी लोढ़ा परिवार हैं। अखंड दीपक के लाभार्थी निर्मलादेवी, शांतिलाल पिंचा परिवार हैं। वहीं, दादा गुरुदेव प्रतिमा स्थापना के लाभार्थी जसराज, पुष्पदेवी, ललित कुमार बेगानी परिवार हैं।

Related Articles

Back to top button