छत्तीसगढ़

ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई: आबकारी घोटाला मामले में मंत्री कवासी लखमा के करीबियों पर शिकंजा

छत्तीसगढ़ में आबकारी घोटाले को लेकर ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) और एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने मंत्री कवासी लखमा के करीबियों के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। यह छापेमारी प्रदेश के 20 से अधिक स्थानों पर एक साथ की गई है, जिसमें दुर्ग, भिलाई, रायपुर, महासमुंद और धमतरी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

दुर्ग में सबसे बड़ी कार्रवाई, स्टील कारोबारी निशाने पर

दुर्ग में आम्रपाली सोसाइटी स्थित स्टील इंडस्ट्री से जुड़े अशोक अग्रवाल और उनके भाई विनय अग्रवाल के निवास पर छापेमारी जारी है। एसीबी की टीम यहां 9 अधिकारियों के साथ मौजूद है, जो बैंक खातों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

नामी उद्योगपति और हॉस्पिटल डायरेक्टर भी ईओडब्ल्यू के रडार पर

छापेमारी की इस कार्रवाई में कई नामी उद्योगपति और प्रतिष्ठानों के डायरेक्टर भी शामिल हैं।

  • नहरू नगर स्थित स्पर्श हॉस्पिटल के डायरेक्टर संजय गोयल
  • उद्योगपति बंसी अग्रवाल और विशाल केजरीवाल
  • शनिचरी बाजार के बिल्डर विश्वजीत गुप्ता
    इनके ठिकानों पर भी दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।

महासमुंद में दो स्थानों पर कार्रवाई

ईओडब्ल्यू की टीम महासमुंद जिले के सांकरा और बसना में भी पहुंची। सांकरा में कैलाश अग्रवाल और बसना में जय भगवान अग्रवाल के निवास पर छापे मारे गए हैं। दो वाहनों में पहुंची 20 सदस्यीय टीम दस्तावेज खंगालने में जुटी है।

यह कार्रवाई मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ चल रहे आबकारी घोटाला मामले से जुड़ी है, जिसमें पहले से ही वे जेल में बंद हैं। ईओडब्ल्यू की यह छापेमारी अब घोटाले के दायरे और नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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