featureछत्तीसगढ़

परशुरामपुर जलाशय से चार गांवों के किसानों को मिल रहा सिंचाई का लाभ

सूरजपुर/  जिले के परशुरामपुर जलाशय योजना से स्थानीय किसानों को खेती में भरपूर लाभ मिल रहा है। वर्ष 2006 में निर्मित इस जलाशय से चार गांवों के सैकड़ों किसान सिंचाई सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
अक्षांश 23.06‘40‘‘ तथा देशांतर 82.48‘15‘‘ पर स्थित इस बांध की कुल लंबाई 12.60 मीटर और अधिकतम ऊंचाई 20.70 मीटर है। बांध की ऊपरी चौड़ाई 6 मीटर है, जबकि इसकी कुल जल भराव क्षमता 9.452 मिलियन क्यूबिक मीटर है।
बांध की रूपांकित सिंचाई क्षमता खरीफ में 809 हेक्टेयर और रबी में 441 हेक्टेयर यानी कुल 1250 हेक्टेयर है। मुख्य नहर की लंबाई 5 किलोमीटर है, जबकि 5 शाखा नहरों की कुल लंबाई 4.9 किलोमीटर है।

परशुरामपुर जलाशय से चार गांवों के किसानों को मिल रहा सिंचाई का लाभ

किसानों को मिल रहा व्यापक लाभः-
परशुरामपुर, जगन्नाथपुर, सुरता तथा अक्षयपुर गांवों के किसान इस जलाशय से सिंचाई का लाभ ले रहे हैं। वर्तमान में बांध में 5.75 मिलियन क्यूबिक मीटर जल उपलब्ध है।
वर्ष 2025 में खरीफ की वास्तविक सिंचाई 630 हेक्टेयर में की गई, जबकि रबी फसल का कुल लक्ष्य 170 हेक्टेयर रखा गया था। रबी सीजन में कुल 131 किसानों ने खेती की है, जिसमें ग्राम परशुरामपुर के 50, सुरता के 35, अक्षयपुर के 30 तथा जगन्नाथपुर के 16 किसान शामिल हैं।
बीज वितरण से मिली मददः-
कृषि विभाग द्वारा बीज ग्राम योजना के तहत इस वर्ष किसानों को 29 क्विंटल गेहूं तथा 1 क्विंटल सरसों के बीज वितरित किए गए हैं।
वर्तमान में ग्राम परशुरामपुर में 35 हेक्टेयर में विभिन्न फसलें उगाई जा रही हैं, जिसमें गेहूं 20 हेक्टेयर, सरसों 2 हेक्टेयर, चना 1 हेक्टेयर तथा मटर की खेती शामिल है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि जलाशय योजना से उन्हें समय पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। यह योजना क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है।

Related Articles

Back to top button