
अयोध्या। रेप केस में सजायाफ्ता आसाराम मंगलवार शाम अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान, उनके पास पहुंचे कई लोग हाथ जोड़कर उनके दर्शन करते नजर आए। आसाराम ने अपने संबोधन में कहा कि वह भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए यहां आए हैं, और इस तीर्थ स्थल का महत्व बहुत अधिक है।
सात ‘मोक्ष धाम’ के बारे में दी जानकारी
आसाराम ने अयोध्या के महत्व को और बढ़ाते हुए कहा कि भारत में कई ऐसे तीर्थ स्थल हैं, जहां जाने मात्र से व्यक्ति का कल्याण होता है। शास्त्रों में सात ऐसे स्थान बताए गए हैं, जिन्हें ‘मोक्षदायी’ माना गया है। इन स्थानों में अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, कांची, अवंतिका और पुरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मथुरा में जो साधु भेष में रहते हैं, वे मृत्यु के बाद नर्क में नहीं जाते।
रामलला मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा
आसाराम ने अपने दौरे के दौरान रामलला मंदिर में दर्शन किए और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनका कहना था कि अयोध्या जैसे पवित्र स्थान पर आकर शरीर और मन को विशेष शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि इंसानी शरीर में तीन दोष होते हैं—वात, कफ, और पित्त—और इन दोषों को शांत करने के लिए अयोध्या का यात्रा करना अत्यंत लाभकारी है।
सरयू आरती में भाग लिया
आसाराम ने यह भी बताया कि राम मंदिर का निर्माण होने के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है। इस दौरान उन्होंने सरयू नदी के तट पर आयोजित सरयू आरती में भी भाग लिया। आसाराम ने वहां देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की और सभी श्रद्धालुओं से भी प्रार्थना करने की अपील की।




