हनुमान जन्मोत्सव 2026: प्रयागराज के इस मंदिर में किया जाएगा 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ

हनुमान जयंती का पावन पर्व हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इस दिन हनुमान मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है। पूरे दिन हनुमान जी के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ रहती है। इस पर्व को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीके से मनाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर प्रयागराज के श्री हनुमान गढ़ी मंदिर में 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा।
हनुमान गढ़ी मंदिर में 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ
प्रयागराज के मेजा क्षेत्र के उरुवा विकास खंड अंतर्गत बैस की डुहिया (भेलपुर) गांव स्थित श्री हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर को भव्य और आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल (बुधवार) शाम 6 बजे से यहां 108 बार हनुमान चालीसा पाठ का विशेष आयोजन किया जाएगा।
सुंदरकांड का पाठ भी किया जाएगा
इस दौरान सुंदरकांड पाठ भी होगा, जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद अगले दिन सुबह विधि-विधान के साथ हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। ग्रामीणों ने सभी श्रद्धालुओं से इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
कितने घंटे में पढ़ा जाएगा पाठ
मान्यता है कि 108 बार हनुमान चालीसा यदि निरंतर पढ़ते हैं तो 4 से 5 घंटे में यह पूर्ण हो जाती है। मान्यता है कि 108 बार हनुमान चालीसा बढ़ने से आपमें आध्यात्मिक बल, आत्मिक बल और मनोबल बढ़ता है। इससे पवित्रता की भावना महसूस होती है। शरीर में हल्कापन लगता है और व्यक्ति खुद को निरोगी महसूस करता है। इससे भय, तनाव और असुरक्षा की भावना हट जाती है। जीवन में यही सब रोग और शोक से मुक्त होने के लिए जरूरी है।
वाराणसी में भव्य तैयारी
प्रयागराज से करीब 125 किलोमीटर दूर शिव की नगरी काशी में भी हनुमान जी की जन्मोत्सव बेहद ही भव्य तरीके से मनाया जाएगा। भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार संकटमोचन हनुमान के जन्मोत्सव पर श्री हनुमत सेवा समिति की ओर से 23वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा 2 अप्रैल को निकाली जाएगी। आयोजकों का दावा है कि इस साल भक्तों की संख्या और ध्वजों के मामले में यह नया कीर्तिमान रचेगी। इस यात्रा के लिए करीब 1 लाख छोटे-बड़े ध्वज तैयार किए गए हैं। 2 अप्रैल की सुबह सूर्योदय के साथ महाआरती के बाद वाराणसी के भिखारीपुर से इस विशाल यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यात्रा में कई विशेष आकर्षण भी शामिल रहेंगे। इसमें 30 हजार से अधिक भक्तों और 11 सौ गदाधारियों के 5100 ध्वजाओं के साथ शामिल होने की संभावना है। सभी ध्वजाएं बजरंग बली को अर्पित की जाएंगी।




