कोडीनयुक्त सिरप तस्करी में सरगना शुभम के करीबी पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार, पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

सोनभद्र/ भदोही, उत्तर प्रदेश के कफ सिरप तस्करी कांड में सोनभद्र और भदोही पुलिस ने बाप-बेटे समेत तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। बाप-बेटे जहां सरगना शुभम जायसवाल के करीबी हैं। वहीं तीसरे आरोपी पर भदोही में करोड़ों की सिरप बेचने का आरोप है।
सोनभद्र के अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार ने रविवार को राबर्ट्सगंज कोतवाली में बताया कि तस्करी कांड के सरगना शुभम जायसवाल के करीबी संस्कार वर्मा और उसके पिता विनोद कुमार वर्मा निवासी प्रयागराज के खिलाफ सिरप तस्करी में सोनभद्र में मुकदमा दर्ज है। केस दर्ज होने के बाद से दोनों फरार चल रहे थे। एएसपी के अनुसार, सोनभद्र एसआईटी ने कमिश्नरेट प्रयागराज पुलिस के सहयोग से रविवार को दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार बाप-बेटे दिल्ली स्थित वान्या इंटरप्राइजेज के माध्यम से कफ सिरप की बड़ी खेप प्राप्त कर उसे अवैध रूप से अन्य राज्यों में भेजते थे। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
उधर, भदोही पुलिस ने वाराणसी के गोला दीनानाथ निवासी विजय गुप्ता, पुत्र राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता को रविवार को चौरी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विजय पर फर्जी फर्म बनाकर साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा का कफ सिरप बेचने का आरोप है। आरोपी विजय गुप्ता के खिलाफ सोनभद्र में दिसंबर 2025 में मामला दर्ज किया गया था। मामले में संबंधित आरोपितों के खिलाफ भदोही में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है कोडीनयुक्त सिरप तस्करी कांड
कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड पिछले साल अचानक चर्चा में आया था। इस मामले ने उत्तर प्रदेश में बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। यूपी के वाराणसी, जौनपुर और लखनऊ सहित कई जिलों में कोडीनयुक्त सिरप के विशाल अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। जांच में पता चला था कि 37 लाख से अधिक बोतलें फर्जी कागजात, शेल कंपनियों और जाली लाइसेंसों के जरिए बेची गईं। जानकारों के मुताबिक कोडीन एक नियंत्रित पदार्थ है जिसका इस्तेमाल गंभीर खांसी के लिए होता है। बड़े पैमाने पर इसका दुरुपयोग नशे के लिए किया जा रहा था। आरोप है कि इसे उत्तर प्रदेश से बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक में तस्करी करके पहुंचाया जा रहा था।




