जुड़वा बेटियों की हत्या: आरोपी पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं, पुलिस जांच में जुटी

कानपुर के जुड़वा बेटियों के हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी पिता शशिरंज न की कॉल डिटेल से पता चला है कि उसने इस जघन्य हत्याकांड से पहले अपने दोस्त से बात की थी। और कहा था कि यार मैं बहुत परेशान हूं..कुछ समझ नहीं आ रहा है क्या करूं। कुछ गलत कर दूंगा। शशिरंजन ने फोन पर ये बातें बिहार के गया निवासी बचपन के दोस्त को फोन मिला कर कही थीं। दोस्त ने पूछा भी कि क्या कोई रुपये पैसे की समस्या है, तो मैं भेज दूं। इसपर उसने नहीं में जवाब दिया था। करीब 15 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई। इसपर दोस्त ने कानपुर आने की बात कही थी। हालांकि उससे पहले हत्याकांड को अंजाम दे डाला।
कॉल डिटेल से हुआ खुलासा, बचपन के दोस्त से बात की थी
जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया शशिरंजन ने हत्या को अंजाम देने से पहले भाई को कॉल किया था, हालांकि तब कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद जब देर रात एक बजे भाई ने कॉल किया तो नहीं उठाया। पुलिस भी परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है, लेकिन बात नहीं हो सकी है। इसी दौरान पुलिस की नजर शशिरंजन की ओर से डायल किए गए अन्य नंबर पर पड़ी। उसमें कॉल करने पर पता चला कि वह व्यक्ति बिहार के गया का रहने वाला है। उसने बताया शशिरंजन उसके बचपन का दोस्त था। हत्याकांड से छह दिन पहले शशिरंजन ने कॉल कर कहा था कि दोस्त मैं बहुत परेशान हूं। इसपर वजह पूछी तो उसने कहा कि दिमागी उलझन है, नींद नहीं आ रही है।
रेशमा और परिजनों से 4 घंटे पूछताछ की
मंगलवार शाम नौबस्ता पुलिस त्रिमूर्ति अपार्टमेंट पहुंची। रेशमा और परिजनों से करीब चार घंटे तक विस्तार से बातचीत की। हालांकि कोई ठोस उत्तर निकल कर सामने नहीं आया है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में पत्नी के हवाले से बताया गया था कि शशिरंजन के चंडीगढ़ की लड़की से संबंध थे। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने कहा शशिरंजन की सोशल मीडिया चैट्स खंगाली गई हैं, चंडीगढ़ की किसी लड़की से बात के साक्ष्य नहीं मिले हैं। सिलिगुड़ी से आए रेशमा छेत्री के भाई बाल बहादुर और मौसेरे भाई बुधवार तड़के लौट गए। हालांकि बहन हेमा रुक गई हैं। पश्चिम बंगाल में जारी चुनावों में पहले चरण में सिलिगुड़ी में वोटिंग होनी हैं, जिसमें हिस्सा लेने के लिए भाई गए हैं।
आवेश नहीं, साजिश के तहत जुड़वा बेटियों की हत्या की
वहीं इस बात का भी पता चला है कि शशिरंजन ने हत्याकांड को अंजाम आवेश में आकर नहीं बल्कि कई दिनों की साजिश के तहत दिया। इस बात का खुलासा मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से हुआ है। मोबाइल रिपोर्ट में सामने आया शशिरंजन एक माह से लाशों को गलाने और ठिकाने लगाने के तरीके खोज रहा था। उसने दिन और समय सब नियत कर रखा था। इसी के चलते उसने पत्नी और बेटे की एंट्री कमरे में बैन कर दी थी। जांच में शामिल पुलिस अधिकारी ने बताया शशिरंजन ने मोबाइल पर शुरुआत में यूट्यूब पर हत्या करने के तरीके खोजना शुरू किया। स्पष्ट जवाब नहीं मिला।




