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वकील ने 2 पेज का सुसाइड नोट लिखकर दी जान…

कानपुर। कचहरी की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने जान दे दी। उसने 2 दो पेज का सुसाइड लोट लिखा है कि उनकी आखिरी इच्छा है कि सुसाइड नोट जो भी देखे उसे आखिरी तक पढ़े। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरा ये निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। मैं हार गया, पापा जीत गए। लव यू मम्मी…।

प्रियांशु श्रीवास्तव ने अपने सुसाइड नोट में पापा राजेंद्र कुमार की डांट, उलाहने और निर्वस्त्र कर घर से निकालने की धमकी का जिक्र किया। उसने लिखा कि मेरी ये अंतिम इच्छा है कि सब लोग मेरे इस सुसाइड नोट को अंत तक पूरा पढ़े… मैं प्रियांशु श्रीवास्तव निवासी वरुण विहार, बर्रा-8 कानपुर का रहने वाला हूं। आज 23 अप्रैल समय लगभग दोपहर 12.05 बजे मैं अपने पूरे होश में बिना किसी जोर–दबाव और जबरदस्ती के यह सुसाइड नोट लिख कर अपनी जान दे रहा हूं। मैं एक रजिस्टर्ड अधिवक्ता हूं, जिसने अपनी लॉ की पढ़ाई कानपुर नगर से 2025 में पूरी की है। समय की कमी होने के कारण मैं अपना पंजीकरण उत्तर प्रदेश बार कांउसिल प्रयागराज से प्राप्त नहीं कर सका हूं।

प्रियांशु श्रीवास्तव ने बताया कि बचपन में छह साल की उम्र में चुपके से फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लेने पर पिता ने निर्वस्त्र कर घर से निकाल दिया था। वह शर्मिंदगी जहन में बैठ गई। आगे लिखा कि पढ़ाई के लिए दबाव, अधूरी तैयारी पर पीटना तो फिर भी ठीक था लेकिन हर पल शक की नजर से देखना हर मिनट का हिसाब लेना, कहीं न कहीं मानसिक टार्चर ही रहा। सभी मां–बाप से मेरी यह अपील है कि अपने बच्चों पर उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।

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