इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज

प्रयागराज – इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट की सिंगल बेंच ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई थी। यह फैसला राहुल गांधी के एक विवादास्पद बयान को लेकर था, जो उन्होंने 15 जनवरी 2025 को दिया था।
FIR दर्ज करने की मांग पर रोक
यह मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने कहा था, “Our fight is with RSS, BJP as well as Indian State” (हमारी लड़ाई बीजेपी-आरएसएस और भारतीय राज्य के साथ है)। इस बयान को लेकर सिमरन गुप्ता नामक एक व्यक्ति ने पहले MP/MLA कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने इसे 10 फरवरी 2025 को खारिज कर दिया था। इसके बाद सिमरन गुप्ता ने इस फैसले को अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश चंदौसी के पास चुनौती दी, लेकिन वहां भी उसे राहत नहीं मिली और 7 नवंबर 2025 को याचिका खारिज कर दी गई।
हाईकोर्ट में चुनौती
सिमरन गुप्ता ने अब इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया। अब इस फैसले के बाद राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की कोई संभावना नहीं है, और उन्हें बड़ी राहत मिली है।
फैसला और राजनीतिक माहौल
इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह निर्णय राहुल गांधी के लिए राहत की बात है, जबकि उनके खिलाफ बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों ने कई बार टिप्पणी की थी। हालांकि, यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से जुड़ा हुआ था, और कोर्ट ने इसे खारिज करने के बाद यह स्पष्ट कर दिया कि किसी राजनेता के बयान को कानूनी रूप से चुनौती देना एक जटिल प्रक्रिया है।




