मायावती ने केंद्र सरकार को घेरा: कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से बढ़ेगी महंगाई, जनहित में फैसला पुनः समीक्षा की मांग

हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी ने आम जनता को एक बार फिर महंगाई के तगड़े थपेड़े से जूझने पर मजबूर कर दिया है। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है और महंगाई पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
क्या था मायावती का बयान?
मायावती ने कहा, “यह बढ़ोतरी केवल व्यापारियों पर ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबारियों, जैसे होटल, ढाबा और रेस्तरां मालिकों पर भी प्रतिकूल असर डालेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले से महंगाई से जूझ रहे लोगों के लिए यह एक और बोझ होगा। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में इतनी भारी वृद्धि से फूड और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के व्यवसायों के लिए लागत में भारी बढ़ोतरी होगी, जो आम उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा।
मायावती का समाधान
मायावती ने केंद्र सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें नियंत्रित रखने और इस फैसले की पुनः समीक्षा करने की अपील की है।
- वर्तमान स्थिति: 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपये हो गई है।
- महंगाई पर असर: इसकी बढ़ोतरी से रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
- जनहित में कदम: मायावती ने कहा कि सरकार को जनहित में इस फैसले को पुनः जांचने की जरूरत है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि “सिलेंडर महंगा नहीं होता, रोटी-थाली महंगी होती है।”
- अखिलेश का आरोप: भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सिलेंडर महंगा करना था तो सीधे 1000 रुपये महंगा कर देते, लेकिन 7 रुपये कम करके यह सरकार किस पर एहसान कर रही है?
- महंगाई और बेरोजगारी: अखिलेश ने सरकार से पूछा कि “बीजेपी महंगाई, बेरोजगारी और मंदी पर निंदा प्रस्ताव कब लाएगी?”
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में यह भारी बढ़ोतरी शुक्रवार से लागू हो चुकी है, और यह फूड, हॉस्पिटैलिटी और अन्य व्यवसायों के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है।
- फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर (FTL) की कीमत में भी 261 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
- हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
केंद्र सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए?
मायावती ने केंद्र सरकार से सुझाव दिया कि जिस तरह चुनाव के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें नियंत्रित रखी गई थीं, उसी तरह इस नीति को अब भी जारी रखा जाए।
- अंतरराष्ट्रीय तनाव: मायावती ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का भी जिक्र किया, लेकिन कहा कि इसका सीधा बोझ आम जनता पर नहीं डाला जाना चाहिए।




