
रायपुर। मदर्स डे के पावन अवसर पर अर्क वियत फाउंडेशन एवं ओजस वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा विमतारा हॉल में “अधीरा प्राउड सिंगल मदर सम्मान” कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व शक्ति को सम्मानित करना, समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करना तथा उन सिंगल मदर्स के संघर्ष और सफलता को मंच प्रदान करना था, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास, मेहनत और समर्पण के बल पर अपने जीवन में विशेष उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आई 31 सिंगल मदर्स का विशेष सम्मान किया गया। इन महिलाओं ने अपने संघर्ष, साहस और आत्मबल से यह सिद्ध किया कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी माताओं को भी सम्मानित कर उनके त्याग, प्रेम और समाज निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर वर्णिका शर्मा,अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि माँ केवल परिवार की आधारशिला नहीं होती, बल्कि पूरे समाज की प्रेरणा और शक्ति का केंद्र होती हैं। विशेष रूप से सिंगल मदर्स अपने साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष से समाज के लिए एक मिसाल प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ संध्या गुप्ता प्राचार्य गुरुकुल महिला महाविद्यालय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मातृत्व त्याग, प्रेम और समर्पण का सबसे सुंदर स्वरूप है। एक माँ अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कठिनाई का सामना करती है और अपने सपनों से पहले अपने परिवार के सपनों को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि सिंगल मदर्स का संघर्ष समाज के लिए प्रेरणादायक है तथा हमें महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि गीता वर्मा ने कहा कि हर माँ अपने परिवार की सबसे बड़ी शक्ति होती है। माँ का प्रेम, धैर्य और त्याग परिवार को एकजुट बनाए रखता है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि मदर्स डे पर इस प्रकार का सम्मान समारोह मातृत्व के प्रति समाज की संवेदनशीलता और सम्मान को प्रदर्शित करता है।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन का संचालन अर्क वियत फाउंडेशन की फाउंडर डॉ रात्रि लहरी एवं ओजस वेलफेयर फाउंडेशन की फाउंडर हरदीप कौर ओलक की विशेष भूमिका रही। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा महिलाओं और मातृत्व शक्ति को उचित सम्मान दिलाना है। भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर प्रथम श्रेणी नायक मजिस्ट्रेट, गीता वर्मा रुद्रांश ज्वेलर्सएवं भुनेश्वर साहू MVL फिल्म प्रोडक्शन का विशेष योगदान रहा। इसके साथ ही गुरुकुल महिला महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में डॉ कविता कुंबज राहुल कुंबज पीयूष जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन राशि ओलक द्वारा किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मातृत्व, सम्मान और प्रेरणा का भाव वातावरण में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों ने आयोजकों के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया।