
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों का दुस्साहस देखकर गृह मंत्रालय “अंडरग्राउंड” हो गया है। उनके अनुसार, प्रदेश में लगातार हो रही हाई-प्रोफाइल हत्याओं और अपराधों ने लोगों को डर में डाल दिया है।
मुख्य बिंदु:
- अखिलेश यादव ने पश्चिमी यूपी में एशियन गेम्स में चयनित पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल की हत्या, सूर्या चौहान और एक दूध व्यापारी की हत्या का हवाला दिया।
- उनका सवाल है कि क्या यूपी में ‘गृह मंत्रालय’ मौजूद है, या अपराधियों के दुस्साहस के चलते यह मंत्रालय कामकाज से गायब हो गया है।
- उन्होंने कहा कि 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से हटाकर उसके कुशासन का अंत करेगी।
भाजपा सरकार पर आरोप:
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संवेदनहीन और असंवेदनशील है। उनके अनुसार:
- स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ चौपट हैं।
- नौ साल के कार्यकाल में समाज में नफरत फैलाने के अलावा कोई काम नहीं किया गया।
- जनता को झूठे वादों और प्रचार के माध्यम से गुमराह किया गया।
क्या है गृह मंत्रालय यूपी?
उत्तर प्रदेश में गृह मंत्रालय वास्तव में मौजूद है। यह मंत्रालय राज्य में कानून व्यवस्था, पुलिस प्रशासन, जेल प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है।
- गृह मंत्रालय के अधीन पुलिस विभाग कार्यरत है।
- आपातकालीन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंत्रालय रिसोर्सेस और इंस्पेक्शन करता है।
- अपराध और हिंसा की रिपोर्टों का निगरानी और नियंत्रण भी इसी मंत्रालय के जिम्मे हैं।
अखिलेश यादव की टिप्पणी का मतलब:
- उनका बयान राजनीतिक आलोचना पर आधारित है।
- उनका कहना है कि सरकार अपराधियों पर नियंत्रण नहीं रख पा रही।
- इसे मंत्रालय की गैर-मौजूदगी के रूप में नहीं, बल्कि उसकी निष्क्रियता के रूप में देखना चाहिए।




