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संवाद से समाधान: महासमुंद में हितग्राहियों को फोन पर आवेदन की स्थिति की जानकारी

महासमुंद, सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण के साथ-साथ हितग्राहियों को उनके प्रकरणों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा हितग्राहियों को फोन पर सूचना दी जा रही है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जनपद पंचायतों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को सीधे फोन कर उनके आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य केवल आवेदनों का निराकरण करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों तक उसकी जानकारी समय पर पहुंचाकर शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है। इसके माध्यम से हितग्राहियों को अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
इसी क्रम में जनपद पंचायत महासमुंद अंतर्गत ग्राम मुनगाशेर के श्री चंदन सोनकर को दूरभाष के माध्यम से सूचित किया गया कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 के अंतर्गत उनके पिता के साथ संयुक्त सर्वे सूची में शामिल है तथा आगामी प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई। इस जानकारी से वे संतुष्ट नजर आए।
वहीं ग्राम पंचायत पचरी के श्री मोहित कुर्रे को बताया गया कि उनका मनरेगा जॉब कार्ड बन चुका है, जिसका क्रमांक 607 है। श्री मोहित ने इस सूचना के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि जनपद से फोन आने पर उन्हें बेहद खुशी हुई। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मोगरा की सुश्री सुशीला धुव, श्रीमती उर्मिला एवं अन्य महिलाओं को भी उनके आवेदनों के निराकरण एवं मनरेगा जॉब कार्ड संबंधी जानकारी फोन पर दी गई। संबंधित हितग्राहियों को जॉब कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी पूर्ण की गई। महिलाओं ने इस निराकरण के लिए खुशी व्यक्त की है।
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों से लगातार संपर्क स्थापित कर उन्हें उनके आवेदनों की स्थिति, स्वीकृति तथा लाभ वितरण की जानकारी दी जा रही है। इस प्रक्रिया से प्रशासन और आमजन के बीच संवाद को नई मजबूती मिल रही है तथा सुशासन तिहार की भावना संवाद से समाधान व्यवहारिक रूप से साकार हो रही है।
कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण हो तथा उसकी जानकारी पारदर्शी और सहज तरीके से संबंधित हितग्राही तक पहुंचे, जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को प्रभावी रूप से मिल सके।

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