
00 कलेक्टर ने ली कुष्ठ खोज अभियान हेतु समन्वय समिति की बैठक
रायपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सघन कुष्ठ खोज अभियान (एलसीडीसी) 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग की शीघ्र पहचान, त्वरित पुष्टि और समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करना है।अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु रेडक्रॉस सभा कक्ष, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में जिला अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी संबंधित विभागों को अभियान में आवश्यक सहयोग और समन्वय करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है ताकि सर्वेक्षण टीमें फील्ड में उच्च दक्षता से कार्य कर सकें। रायपुर जिले की वर्तमान जनसंख्या 28 लाख 57 हजार 744 है। इस वर्ष अब तक 124 नए कुष्ठ रोगी पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 22 पीबी और 102 एमबी मामले शामिल हैं। जिले में वर्तमान में 587 मरीज उपचाररत हैं। जिले का व्यापकता दर 2.05 दर्ज किया गया है। अभियान के लिए एक महिला और एक पुरुष वाली दो सदस्यीय सर्वेक्षण टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें माइक्रोप्लान के अनुसार घर-घर जाकर कुष्ठ के संभावित लक्षणों की पहचान करेंगी।
कुष्ठ के 4 प्रमुख लक्षण
चमड़ी पर दाग-चकत्ते जिसमें सुन्नपन हो, त्वचा या अंगों में सुन्नपन, हथेली या पंजों में सुन्नपन एवं झुनझुनी, उंगलियों, पलकों या चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी इनमें से कोई भी लक्षण मिलने पर व्यक्ति को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र भेजकर पुष्टि कराई जाएगी। पुष्टि के बाद मरीजों को निशुल्क एमडीटी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, जो रोग के पूर्ण उपचार में अत्यंत प्रभावी है।




