
छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया है। कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना में उप सरपंच समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
मनरेगा कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार अंतागढ़ क्षेत्र में ग्रामीण मनरेगा कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कुछ ग्रामीण पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।
इसी बीच तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ के पास गिरी, जिसकी चपेट में कई लोग आ गए।
हादसे में:
- उप सरपंच सहित 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई।
- 5 ग्रामीण घायल हो गए।
- घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
- प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
गांव में पसरा मातम
घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अचानक हुई इस त्रासदी ने कई परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मौसम कुछ ही मिनटों में बदल गया और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज
गुरुवार शाम से ही प्रदेश के कई जिलों में मौसम तेजी से बदला है।
- रायपुर में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई।
- सरगुजा और कोरबा में जमकर बारिश हुई।
- कई क्षेत्रों में तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई।
- गर्मी से राहत मिली, लेकिन बिजली गिरने और तेज अंधड़ का खतरा बढ़ गया।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले 2-3 दिनों में मानसून की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण छत्तीसगढ़ में नमी तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
- कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
- तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए अंधड़, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
- खुले मैदान में खड़े न रहें।
- पेड़ के नीचे शरण लेने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान मोबाइल और धातु की वस्तुओं का उपयोग कम करें।
- सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में रहें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
बढ़ रहा है आकाशीय बिजली का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
कांकेर की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खराब मौसम के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी अलर्ट का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।




