लखनऊ अग्निकांड पर CM योगी का बड़ा एक्शन, घटनास्थल पहुंचे ब्रजेश पाठक; बोले- दोषियों को नहीं मिलेगी कोई राहत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। अलीगंज स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में लगी आग में 14 छात्रों की मौत की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और घटना को बेहद दुखद एवं हृदयविदारक बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने अपने कार्यक्रमों में बदलाव करते हुए तुरंत लखनऊ लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर भेजकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि मासूम बच्चों की मौत की खबर बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि:
- हादसे की गहन जांच कराई जाएगी।
- दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई होगी।
- घायलों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
- पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
हादसे की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा से समझौता न किया जाए।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमों द्वारा लगातार इमारत के प्रत्येक कमरे, सीढ़ी और अन्य हिस्सों की जांच की जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति अंदर न रह जाए।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार दोपहर लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कई छात्रों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर 14 से अधिक दमकल गाड़ियां, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और विशेष रेस्क्यू टीमें तैनात की गईं।
राहत और बचाव अभियान जारी
प्रशासन के अनुसार:
- 14 छात्रों की मौत की पुष्टि हुई है।
- एक दर्जन से अधिक लोग झुलसे हैं।
- घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
- पूरी इमारत की तलाशी ली जा रही है।
- फायर सेफ्टी नियमों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग कैसे लगी और क्या सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी।




