
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर बड़ा विवाद छिड़ा हुआ है। जमीन खरीद और रियल एस्टेट से जुड़े आरोपों के बीच अब इस मुद्दे ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के बचाव में विपक्ष के प्रमुख नेता और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सामने आए हैं।
अखिलेश यादव ने न केवल मोहन यादव का बचाव किया, बल्कि भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अपने ही तीन मुख्यमंत्रियों को हटाने की रणनीति पर काम कर रही है और इसी वजह से इस तरह के आरोप सामने लाए जा रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी है।
रिपोर्ट के अनुसार:
- दिसंबर 2023 के बाद दो वर्षों में 137 भूखंड खरीदे गए।
- इन भूखंडों का कुल क्षेत्रफल लगभग 168 एकड़ बताया गया।
- आरोप है कि जिन इलाकों में जमीन खरीदी गई, वहां बाद में विकास कार्यों को मंजूरी मिली।
इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
मोहन यादव के समर्थन में क्या बोले अखिलेश?
लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मोहन यादव को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा:
- मोहन यादव पहले से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे हैं।
- उनकी संपत्ति और व्यवसाय कोई नई बात नहीं है।
- भाजपा खुद जानती थी कि उनका व्यवसाय क्या है।
- अब राजनीतिक कारणों से उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने ही मुख्यमंत्रियों के खिलाफ रणनीति बना रही है।
“तीन मुख्यमंत्रियों को हटाने की तैयारी”
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है।
उनके अनुसार:
- पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन की कोशिश हो सकती है।
- इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर भी राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
- इन आरोपों का मकसद केवल राजनीतिक जमीन तैयार करना है।
हालांकि भाजपा की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस के आरोपों से बढ़ा विवाद
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई।
कांग्रेस का आरोप है कि:
- जमीन खरीद और सरकारी विकास योजनाओं के बीच संबंधों की जांच होनी चाहिए।
- पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है।
- सरकार को तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष बिना ठोस सबूत के राजनीतिक आरोप लगा रहा है।
क्यों चर्चा में है यह मामला?
इस पूरे विवाद ने इसलिए राजनीतिक महत्व हासिल कर लिया है क्योंकि:
- आरोप सीधे मुख्यमंत्री से जुड़े हैं।
- विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
- अखिलेश यादव का मोहन यादव के समर्थन में आना राजनीतिक रूप से असामान्य माना जा रहा है।
- इससे भाजपा के अंदरूनी समीकरणों को लेकर भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
फिलहाल जमीन खरीद से जुड़े आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में सरकार, भाजपा और कांग्रेस की ओर से इस मामले पर और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।




