
नारायणपुर, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में धर्मांतरण को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भरण्डा के बाद अब खड़का गांव में भी तनाव की स्थिति बन गई है, जहां कथित तौर पर धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है। मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
📍 क्या है पूरा मामला?
यह विवाद नारायणपुर जिले के खड़का गांव का है, जहां—
- आदिवासी समुदाय और धर्मांतरित परिवारों के बीच तनाव
- दो परिवारों पर गांव छोड़ने का दबाव
- घरों से सामान बाहर निकाले जाने की घटना
इन घटनाओं के बाद गांव में माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया है।
⚠️ क्यों बढ़ा विवाद?
स्थानीय लोगों और प्रभावित परिवारों के बीच कई मुद्दों पर टकराव सामने आया है—
ग्रामीणों के आरोप:
- धर्मांतरित परिवार सामाजिक परंपराओं में भाग नहीं ले रहे
- गांव के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता को लेकर असहमति
- चंदा देने और परंपराओं का पालन करने पर जोर
प्रभावित परिवारों का पक्ष:
- वे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता बनाए रखना चाहते हैं
- केवल आर्थिक सहयोग (चंदा) देने की बात स्वीकार
- पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों को मानने से इनकार
👮♂️ पुलिस बल तैनात, हालात नियंत्रण में
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए—
- भारी पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है
- प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है
- किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है
🏘️ पहले भी हुआ था ऐसा मामला
इससे पहले भी नारायणपुर जिले के भरण्डा गांव में इसी तरह का विवाद सामने आया था—
- 26 धर्मांतरित परिवारों को गांव छोड़ने का दबाव
- धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर टकराव
- समुदायों के बीच बढ़ता तनाव
🧭 प्रशासन की भूमिका
प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं—
- दोनों पक्षों से बातचीत की कोशिश
- कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
- संवेदनशीलता के साथ मामले की जांच




