
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनकी पार्टी के विधायकों की एक बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। खास बात यह रही कि यह बैठक विपक्षी खेमे के किसी कार्यालय में नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक चेंबर में हुई।
शरद पवार को सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के प्रमुख नेता के कार्यालय में देखे जाने के बाद कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि दोनों पक्षों ने इसे केवल एक शिष्टाचार मुलाकात बताया और किसी भी नए राजनीतिक समीकरण की संभावना से इनकार किया।
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद की बैठक में पहुंचे थे पवार
जानकारी के अनुसार, शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर राज्य सरकार द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में शामिल होने के लिए विधान भवन परिसर पहुंचे थे।
बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। इसी दौरान उनके लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का कार्यालय चुना गया, जो विधान भवन के निकास द्वार के पास स्थित है।
NCP ने बताई बैठक की वजह
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने स्पष्ट किया कि शिंदे के कार्यालय में बैठक का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पार्टी विधायक शरद पवार से मिलना चाहते थे, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए ज्यादा दूरी तक पैदल जाना सुविधाजनक नहीं था। इसलिए निकास द्वार के पास स्थित उपमुख्यमंत्री के कार्यालय को बैठक के लिए चुना गया।
जयंत पाटिल के अनुसार, जब शरद पवार वहां पहुंचे, उस समय एकनाथ शिंदे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। बाद में शिंदे को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने आकर शरद पवार से मुलाकात की और उनका सम्मान किया।
शिंदे गुट ने भी बताया शिष्टाचार मुलाकात
मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इसे केवल एक औपचारिक भेंट बताया गया। एकनाथ शिंदे ने शरद पवार का शॉल और बुके देकर स्वागत किया।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री उदय सामंत ने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और उनका सम्मान करना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को किसी राजनीतिक बदलाव से जोड़ना सही नहीं है।
NDA में शामिल होने की अटकलों पर विराम
मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि क्या शरद पवार गुट सत्तारूढ़ गठबंधन के करीब जा सकता है।
हालांकि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शरद पवार विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों, सांसदों और पार्षदों से मुलाकात करने पहुंचे थे।
उन्होंने साफ किया कि—
- एनसीपी (SP) के NDA में शामिल होने की खबरें गलत हैं।
- पार्टी विलय जैसी कोई संभावना नहीं है।
- बैठक का उद्देश्य केवल संगठनात्मक बातचीत था।
महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में बड़े नेताओं की छोटी मुलाकातें भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन जाती हैं।
फिलहाल शरद पवार और एकनाथ शिंदे की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से भले ही चर्चा में आ गई हो, लेकिन दोनों पक्षों ने इसे सामान्य और औपचारिक मुलाकात बताया है।




