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Odisha Flood Crisis: धीमी रफ्तार वाले सिस्टम से ओडिशा बेहाल, कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

भुवनेश्वर: ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र की बेहद धीमी गति के कारण राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश के चलते प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिसके कारण एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक बारिश हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर और मध्य ओडिशा के जिलों में देखने को मिल रहा है।

चार दिनों में तय की 500 किलोमीटर से कम दूरी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 25 जुलाई को बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना था।

इसके बाद 26 जुलाई को यह और मजबूत होकर अवदाब (Depression) में बदल गया। आमतौर पर ऐसे सिस्टम तेजी से आगे बढ़ते हैं, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार बेहद धीमी रही।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार:

  • यह सिस्टम चार दिन बाद भी ओडिशा के झारसुगुड़ा और आसपास के क्षेत्रों के पास बना हुआ है।
  • अब तक इसने 500 किलोमीटर से भी कम दूरी तय की है।
  • धीमी गति के कारण लगातार भारी से अति-भारी बारिश हो रही है।

यही वजह है कि राज्य के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

नदियां उफान पर, कई इलाकों में पानी भरा

लगातार बारिश के कारण ओडिशा की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है।

विशेष रूप से वैतरणी और सालांदी नदियों में पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

जाजपुर और भद्रक में हालात गंभीर

  • कई गांव और निचले इलाकों में पानी भर गया है।
  • बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
  • खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

सड़क संपर्क प्रभावित

बारिश और बाढ़ के कारण कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया है।

  • कई स्थानों पर तीन से चार फीट तक पानी जमा है।
  • जाजपुर और भद्रक के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है।
  • कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूट गया है।

स्कूल-कॉलेज बंद, प्रशासन अलर्ट

बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में:

  • स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
  • आंगनवाड़ी केंद्रों को भी अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।
  • लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

भद्रक, जाजपुर और बालासोर जैसे जिलों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

NDRF और ODRAF की टीमें तैनात

राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की टीमें मैदान में उतारी गई हैं।

बचाव दल:

  • पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं।
  • प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।
  • राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जब तक यह मौसमी सिस्टम आगे नहीं बढ़ता, तब तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

अगले 24 से 48 घंटे ओडिशा के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे:

  • नदी और निचले इलाकों से दूर रहें।
  • बिना जरूरत यात्रा से बचें।
  • मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन करें।

किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार बारिश और जलभराव से किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है।

कई इलाकों में:

  • धान और अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं।
  • खेतों में लंबे समय तक पानी रहने से नुकसान की आशंका है।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

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