


दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराध, नशे के खिलाफ जागरूकता और सड़क सुरक्षा को लेकर भिलाई में बड़ा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। ट्रेजर आइलैंड मॉल में हुए इस कार्यक्रम में 1500 से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया। नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचने, नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया।
यह आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में “साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प को जनभागीदारी के जरिए मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से किया सीधा संवाद
कार्यक्रम का आयोजन और समन्वय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कौशलेन्द्र देव पटेल के नेतृत्व में किया गया। साइबर क्राइम प्रभारी डॉ. संकल्प राय ने लोगों से संवाद कर ऑनलाइन अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि डिजिटल लेन-देन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
पुलिस ने नागरिकों को खास तौर पर इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी—
- किसी भी व्यक्ति के साथ OTP या PIN साझा न करें।
- बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें।
- ऑनलाइन भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता की जानकारी जांचें।
- सोशल मीडिया पर निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
- किसी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा है।
ट्रैफिक नियमों को लेकर भी दी समझाइश
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कौशलेन्द्र देव पटेल ने कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने और सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की अपील की।
पुलिस ने खास तौर पर नाबालिगों को वाहन नहीं देने और सड़क पर नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा नहीं करने की समझाइश दी।
सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद और दूसरों की जान सुरक्षित रखने के लिए जरूरी बताया गया।
नशे के खिलाफ भी दिया संदेश
कार्यक्रम में कल्याणी नशा मुक्ति केंद्र के अजय कल्याणी ने नशे के दुष्प्रभावों और इससे बाहर निकलने के प्रयासों को लेकर जानकारी दी।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार और भविष्य को भी प्रभावित करती है।
युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने और नशे से दूर रहकर अपने करियर पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया।
नुक्कड़ नाटक ने खींचा लोगों का ध्यान
कार्यक्रम में BSP की टीम इंद्रधनुष समूह और ग्रेसी म्यूजिक अकादमी की ओर से नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।
कलाकारों ने मनोरंजक अंदाज में साइबर ठगी और नशे से होने वाले नुकसान को लोगों के सामने रखा। संदेश को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किए जाने के कारण नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों ने प्रस्तुतियों को उत्साह के साथ देखा।
पुलिस अधिकारियों और नागरिकों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में यातायात जोन प्रभारी निरीक्षक जीआर ओगरे, स्मृतिनगर चौकी प्रभारी अमित अंदानी सहित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। एक्स-आर्मी एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
1500 से अधिक नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया।
इन तीन मुद्दों पर रहा मुख्य फोकस
- साइबर सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से बचाव।
- नशा मुक्ति: युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश।
- यातायात सुरक्षा: सड़क नियमों का पालन और सुरक्षित ड्राइविंग।
ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि अगर उनके साथ किसी तरह की साइबर ठगी होती है तो बिना देर किए 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
वहीं नशे से संबंधित सहायता के लिए 1933 हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया कि साइबर अपराध, नशे और सड़क हादसों से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जागरूकता और भागीदारी भी बेहद जरूरी है।




