यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान! योगी सरकार ने खत्म किया बिचौलियों का खेल, अब डिजिटल होगी पूरी व्यवस्था



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया और इसके लोगो का अनावरण किया। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती से लेकर वेतन, उपस्थिति और सामाजिक सुरक्षा तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल होगी।
मुख्यमंत्री ने इसे सिर्फ एक नई संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
एक पोर्टल पर मिलेगी नौकरी से जुड़ी पूरी जानकारी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को अपनी सेवा से जुड़ी जानकारी के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। इसके लिए डिजिटल पोर्टल तैयार किया जाएगा।
इस पोर्टल पर कर्मचारी अपनी भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, वेतन, बैंक खाते, EPF, ESI, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सर्विस बेनिफिट से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। वेतन में होने वाली कटौती की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
सरकार के मुताबिक भर्ती से लेकर कर्मचारी की सेवा के अलग-अलग चरणों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी।
मनमाने तरीके से नौकरी से निकालना आसान नहीं होगा
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बदलाव नौकरी की सुरक्षा से जुड़ा बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से सेवा से बाहर नहीं किया जा सकेगा।
यदि किसी कर्मचारी को हटाने की जरूरत महसूस होती है तो संबंधित एजेंसी को पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। इसके बाद मामले की जांच और शिकायत या आरोपों की स्थिति देखी जाएगी।
अगर शिकायत या आरोप गलत पाए जाते हैं तो कर्मचारी को अनावश्यक रूप से हटाने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। कर्मचारियों को पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज करने और उसकी स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा भी मिलेगी।
वेतन से नहीं कटेगा सर्विस चार्ज
योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन से होने वाली कटौती को लेकर भी बड़ा बदलाव बताया है। अब आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से सर्विस चार्ज के नाम पर मनमाने तरीके से पैसा नहीं काट सकेगी।
सरकार आउटसोर्स कंपनी को उसका सर्विस चार्ज अलग से देने की व्यवस्था करेगी। इससे कर्मचारी को निर्धारित मानदेय पूरा मिलने का रास्ता साफ होने का दावा किया गया है।
इसके साथ ही EPF और ESI का भुगतान नियमित रूप से जमा कराने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। कर्मचारी के वेतन से निर्धारित EPF राशि उसके खाते में सुरक्षित रहेगी, जिससे भविष्य में उसे आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
दुर्घटना की स्थिति में 50 लाख तक का बीमा कवर
नई व्यवस्था में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की बात भी कही गई है। सरकार के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बताए गए प्रावधानों के अनुसार दुर्घटना की स्थिति में 20 से 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है। इसके अलावा अग्निकांड में 10 लाख रुपये, आकस्मिक चिकित्सा के लिए 5 लाख रुपये और जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।
बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी में भी मदद
सरकार के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवारों को भी नई व्यवस्था में सुरक्षा कवच देने की कोशिश की गई है। बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता देने की व्यवस्था भी बताई गई है।
योगी बोले- खत्म होगा बिचौलियों का खेल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर आउटसोर्स व्यवस्था में राजनीतिक संरक्षण और रिश्तेदारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती, यूनिफॉर्म और दूसरी व्यवस्थाओं के नाम पर कर्मचारियों के शोषण की शिकायतें सामने आती रही हैं।
योगी सरकार का दावा है कि UPCOS के जरिए व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और कर्मचारियों को उनके अधिकारों का लाभ सीधे मिल सकेगा।
नई व्यवस्था में क्या-क्या बदलेगा?
- आउटसोर्स कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
- भर्ती से लेकर पोस्टिंग तक ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।
- उपस्थिति और वेतन की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी।
- वेतन से सर्विस चार्ज काटने की व्यवस्था खत्म करने का दावा।
- EPF और ESI भुगतान की निगरानी होगी।
- कर्मचारी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
- शिकायत की स्थिति भी पोर्टल पर देखी जा सकेगी।
- कर्मचारी को हटाने से पहले सरकार को जानकारी देनी होगी।
- दुर्घटना और परिवार की सुरक्षा के लिए बीमा व सहायता का प्रावधान होगा।
- शिक्षा और विवाह जैसी जरूरतों में सहायता की व्यवस्था बताई गई है।
सरकार की इस नई पहल से लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इन प्रावधानों का वास्तविक लाभ कर्मचारियों तक कितना और कितनी तेजी से पहुंचता है, यह इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।



