


रायपुर। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जरूरतमंद मरीजों तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की अति-जोखिम वाली गर्भवती पहाड़ी कोरवा महिला बसंती किसी कारणवश जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव वापस लौट आई थी। इसकी जानकारी मिलते ही विभागीय अमला तत्काल सक्रिय हुआ और महिला को त्वरित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने आवश्यक तैयारियां की।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और अस्पताल के चिकित्सकों के समन्वित एवं त्वरित प्रयासों के फलस्वरूप बसंती ने तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। वर्तमान में मां व तीनों नवजात शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के मामले में समय पर पहचान, नियमित निगरानी और तत्काल रेफरल अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। दूरस्थ व आदिवासी अंचलों में प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व की सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सजग स्वास्थ्य अमले, त्वरित एंबुलेंस सेवा और मैदानी कार्यकर्ताओं के इस उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।




