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ग्वालियर की सड़कों का खुलेगा राज! खुदाई में लिए गए सैंपल, 8 सितंबर को हाईकोर्ट में आएगी रिपोर्ट

सड़कें बार-बार क्यों धंस रही हैं? चेतकपुरी रोड की परतों से लिए गए सैंपल, निर्माण की गुणवत्ता की होगी जांच

ग्वालियर। शहर में बार-बार धंस रही और जर्जर हो रही सड़कों को लेकर अब जांच तेज हो गई है। ग्वालियर की सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच हाईकोर्ट की निगरानी में गठित जांच कमीशन लगातार मौके पर पहुंचकर सड़कों की वास्तविक स्थिति खंगाल रहा है। इसी कड़ी में अब चेतकपुरी रोड की भी खुदाई कर निर्माण सामग्री के सैंपल लिए गए हैं।

इन सैंपलों की जांच के बाद रिपोर्ट 8 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश की जाएगी। ऐसे में अब लोगों की नजर इस रिपोर्ट पर टिकी है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट से यह तस्वीर साफ हो सकती है कि सड़क निर्माण के दौरान तय मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

चेतकपुरी रोड की परतों से लिए गए सैंपल

चेतकपुरी रोड पर जांच के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क की खुदाई की गई। सड़क की अलग-अलग परतों को खोलकर उनकी स्थिति देखी गई और निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए।

जांच में मुख्य रूप से सड़क की सतह, डामर, गिट्टी और बेस मटेरियल की गुणवत्ता को परखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

जांच के दौरान कमीशन के सदस्यों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अंजाम दिया गया।

हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही जांच

ग्वालियर में लगातार सड़कों के खराब होने और कई जगह सड़कें धंसने की शिकायतों के बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। इसके बाद जांच कमीशन का गठन किया गया, जो शहर की अलग-अलग सड़कों का निरीक्षण और सैंपलिंग कर रहा है।

जांच को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सैंपल लेने की जगह और प्रक्रिया को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। सड़क की अलग-अलग परतों से लिए गए नमूनों को सील किया जा रहा है, ताकि उनकी जांच के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

सैंपल की जांच कहां होगी?

सड़क निर्माण से जुड़े इन सैंपलों की जांच के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्था की गई है।

  • सैंपलों की जांच PWD की लैब में होगी।
  • ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा की लैब में भी परीक्षण कराया जाएगा।
  • जरूरत पड़ने पर तीसरे सैंपल को देश की किसी प्रतिष्ठित लैब में भेजा जा सकता है।
  • सड़क की विभिन्न परतों और इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांची जाएगी।
  • जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश की जाएगी।

पहले भी धंस चुकी है चेतकपुरी रोड

चेतकपुरी रोड पर पहले भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। यही वजह है कि इस बार सड़क को ऊपर से देखकर स्थिति का आकलन करने के बजाय उसकी अंदरूनी परतों तक पहुंचकर जांच की जा रही है।

खुदाई के दौरान यह देखा जा रहा है कि सड़क की अलग-अलग परतें किस स्थिति में हैं और उनमें निर्धारित मात्रा तथा गुणवत्ता के अनुसार सामग्री का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

अगर जांच में निर्माण मानकों में कमी सामने आती है, तो इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को ठोस आधार मिल सकता है। वहीं रिपोर्ट से यह भी पता चल सकेगा कि सड़क के बार-बार खराब होने के पीछे निर्माण सामग्री या तकनीकी प्रक्रिया में कोई कमी रही है या नहीं।

NHAI की सड़कों तक पहुंचा जांच का दायरा

जांच कमीशन की कार्रवाई अब सिर्फ शहर की स्थानीय सड़कों तक सीमित नहीं रही है। कमीशन इससे पहले ग्वालियर की दूसरी सड़कों से भी सैंपल ले चुका है। अब जांच का दायरा NHAI की सड़कों तक भी पहुंच गया है।

इससे सड़क निर्माण और गुणवत्ता से जुड़े मामलों की जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। अलग-अलग सड़कों से लिए जा रहे सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

8 सितंबर की रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल सबसे ज्यादा इंतजार लैब रिपोर्ट का है। सड़क की खुदाई के बाद सामने आई परतों और उनसे लिए गए सैंपल यह बताने में अहम भूमिका निभाएंगे कि आखिर ग्वालियर की सड़कें बार-बार क्यों धंस रही हैं।

8 सितंबर को हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश होने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है। इसके बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

ग्वालियर की जर्जर सड़कों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच से लोगों को उम्मीद है कि सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और खराब सड़कों के कारणों का पता चल सकेगा।

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