छत्तीसगढ़रायपुर

दीपावली पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वीकृत की राशि

शासन से करोड़ों की राशि स्वीकृत, फिर भी विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त; अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर महापौर मीनल चौबे ने जताई नाराजगी

रायपुर। राजधानी रायपुर में नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य शासन द्वारा विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव जी के प्रयासों से दीपावली के पूर्व शहर की प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी 10 जोनों को कुल 1,978 स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराई गई हैं।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम विद्युत विभाग एवं सभी 10 जोनों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपावली से पूर्व राजधानी के प्रत्येक वार्ड एवं प्रमुख मार्गों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

शासन द्वारा राशि उपलब्ध कराने और नगर निगम मुख्यालय से जोनों को स्ट्रीट लाइटें प्रदान किए जाने के बावजूद स्थापना कार्य में देरी को महापौर ने गंभीरता से लिया।लाइटें उपलब्ध, फिर भी वार्डों में स्थापना नहीं; कर्मचारियों की कमी का बहाना स्वीकार नहीं
महापौर ने विद्युत विभाग की अध्यक्ष श्रीमती सुमन पाण्डेय की उपस्थिति में मुख्य अभियंता श्री संजय बागड़े, कार्यपालन अभियंता विद्युत श्री संदीप शर्मा, सभी जोनों के सहायक अभियंताओं, उप अभियंताओं एवं विद्युत ठेकेदारों की बैठक लेकर स्ट्रीट लाइटों की उपलब्धता एवं स्थापना की समीक्षा की।
समीक्षा में सामने आया कि सभी 10 जोनों को स्ट्रीट लाइटें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, लेकिन कुछ जोनों में स्थापना का कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है। वहीं, कुछ जोनों में लाइट लगाने के लिए कर्मचारियों की कमी का विषय सामने रखा गया।
इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब शासन द्वारा राशि उपलब्ध करा दी गई है और लाइटें जोनों तक पहुंच चुकी हैं, तो उनका उपयोग नहीं होना समझ से परे है। कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर कार्यों को लंबित रखना उचित नहीं है। सभी जोन अधिकारी तत्काल टीमें गठित कर वार्डवार अभियान चलाएं और दीपावली से पूर्व सभी स्वीकृत लाइटें स्थापित करना सुनिश्चित करें।

नौ खेल मैदानों के लिए 589.91 लाख रुपये स्वीकृत, चार में ही काम; शेष कार्यों में विवाद से महापौर नाराज
नगर निगम क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार एवं युवाओं को बेहतर खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नौ खेल मैदानों के विकास के लिए कुल 589.91 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। लेकिन समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि अब तक केवल चार खेल मैदानों में ही कार्य हुआ है,जबकि शेष मैदानों के कार्य विभिन्न विवादों एवं प्रक्रियागत अड़चनों के कारण लंबित हैं।

महापौर ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शासन द्वारा जनहित में राशि स्वीकृत किए जाने के बाद भी विकास कार्यों का समय पर प्रारंभ नहीं होना चिंताजनक है। अधिकारियों को चाहिए कि वे विवादों एवं अड़चनों का समयबद्ध निराकरण कर शेष कार्यों को भी गति दें। विकास के लिए उपलब्ध राशि का लाभ नागरिकों को मिलना चाहिए, न कि फाइलों और विवादों में कार्य उलझे रहें।

शासन की राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करें, जवाबदेही से काम करें अधिकारी
महापौर ने कहा कि शासन द्वारा राजधानी के विकास एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर राशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग नहीं होना और विकास कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता दें, अनावश्यक देरी से बचें और कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूर्ण कराएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के हित में स्वीकृत प्रत्येक योजना का लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। केवल राशि स्वीकृत होना पर्याप्त नहीं है, उसका सदुपयोग कर नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। कार्यों में लापरवाही, हीलाहवाली और अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी 10 जोनों को उपलब्ध कराई गईं 1,978 स्ट्रीट लाइटें
अधोसंरचना मद एवं नगर निगम सामान्य निधि के अंतर्गत सभी 10 जोनों के 70 वार्डों के लिए कुल 1,978 स्ट्रीट लाइट सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इनका जोनवार विवरण इस प्रकार है—
जोन उपलब्ध स्ट्रीट लाइट
जोन क्रमांक 1 212
जोन क्रमांक 2 140
जोन क्रमांक 3 212
जोन क्रमांक 4 202
जोन क्रमांक 5 200
जोन क्रमांक 6 215
जोन क्रमांक 7 200
जोन क्रमांक 8 197
जोन क्रमांक 9 188
जोन क्रमांक 10 212
कुल 1,978

महापौर ने सभी जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध स्ट्रीट लाइटों को तत्काल वार्डों में स्थापित करवाएं तथा बंद पड़ी लाइटों की मरम्मत कर उन्हें भी चालू करवाएं, ताकि दीपावली के पूर्व संपूर्ण राजधानी में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा जनता की सुविधाओं और शहर के विकास के लिए उपलब्ध कराई गई राशि का पूरा सदुपयोग होना चाहिए। राजधानी को रोशन करना हो या खेल मैदानों का विकास, प्रत्येक स्वीकृत कार्य धरातल पर दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों की जवाबदेही तय है और जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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