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टैंकर माफिया पर नकेल नहीं कसे जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने कहा- इससे ज्यादा फायदा नहीं

टैंकर माफिया पर नकेल नहीं कसे जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने कहा है कि इससे ज्यादा फायदा नहीं मिलने वाला है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने गुरुवार को कहा कि यदि टैंकर माफिया को रोक भी दिया गया तो दिल्ली में पानी की कमी को पूरा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक ही तरीके से कमी पूरी की जा सकती है और वह है पड़ोसी राज्यों से यमुना में ज्यादा पानी की आपूर्ति।

आतिशी ने गुरुवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पानी की बर्बादी रोकने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने टैंकर माफिया का मुद्दा भी उठाया था लेकिन उन्हें रोकने से भी कमी पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जल संकट को दूर करने का एकमात्र तरीका है कि यमुना में ज्यादा पानी दिया जाए। राष्ट्रीय राजधानी में पानी की कमी के बीच मंत्री आतिशी एडीएम/एसडीएम और तहसीलदारों की टीम के साथ अक्षरधाम के पास जल वितरण नेटवर्क का जायजा लेने पहुंचीं थीं।

आतिशी ने कहा, ‘समझने वाली बात यह है कि दिल्ली जल बोर्ड 1000 टैंकर चला रहा है। 6-8 ट्रिप करते हैं। इतने अधिक टैंकर्स से भी मात्र 4-5 एमजीडी पानी का प्रयोग करता है। अवैध टैंकर बिलकुल रोकने चाहिए, लेकिन अगर हम उन्हें रोकेंगे भी तो हम आधा एमडीजी पानी पचा लेंगे, पौना एमजीडी पानी बचा लेंगे, आप शायद एक एमजीडी पानी बचा लेंगे। लेकिन जो 40 एमजीडी पानी की कमी है उसको पूरा नहीं किया जा सकता है। उसको पूरा किया जा सकता है सिर्फ और सिर्फ यदि यमुना में ज्यादा पानी मिले।’

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
दिल्ली में अवैध टैंकर्स के संचालन और पानी की चोरी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार की जमकर खिंचाई की थी और जवाब तलब किया था। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि अवैध टैंकर्स को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। सर्वोच्च अदालत ने यहां तक कहा कि यदि दिल्ली सरकार इनसे नहीं निपट सकती है तो दिल्ली पुलिस को आदेश दिया जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच लाखों लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में टैंकर्स माफिया खूब सक्रिय हैं और मोटी रकम वसूलकर पानी बेच रहे हैं। टैंकर्स माफिया अवैध तरीके से बोरवेल से भूजल का दोहन करते हैं तो मुनक नहर से भी पानी की चोरी की जाती है।

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