एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव ने यूपी में मचाई अफरा-तफरी, लखनऊ से बाराबंकी तक जाम और यातायात ठप
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर गैस रिसाव से यातायात व्यवस्था प्रभावित

उत्तर प्रदेश में लखनऊ से अयोध्या तक हाईवे पर एलपीजी टैंकर से गैस रिसाव की घटना ने गंभीर संकट उत्पन्न कर दिया है। बुधवार शाम को बाराबंकी के कोतवाली नगर में स्थित असेनी मोड़ के पास एलपीजी ले जा रहे एक टैंकर में अचानक गैस रिसाव होने लगा। इस घटना ने लखनऊ से लेकर बाराबंकी तक यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। टैंकर के रिसाव को रोकने के लिए किए गए प्रयास असफल रहे, जिसके कारण हाईवे को बंद करना पड़ा।
बड़ी समस्या, विशेष टीमों ने लिया मोर्चा
गैस रिसाव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बंथरा प्लांट (लखनऊ) की तकनीकी टीम को बुलाया गया, लेकिन कई तकनीकी उपायों के बावजूद रिसाव को रोका नहीं जा सका। इसके बाद, अधिकारियों ने शाहजहांपुर से विशेष वाहन और एक्सपर्ट टीम को बुलाया और अंत में गैस को दूसरे सुरक्षित टैंकर में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में कुछ घंटों का समय और लगेगा।
यात्री और मरीजों की मुश्किलें
इस घटना का सबसे बुरा असर यातायात पर पड़ा है। हाईवे पर जाम के कारण दर्जनों रोडवेज बसें फंसी रही और यात्री घंटों जाम में फंसे रहे। कुछ यात्रियों ने तो पैदल ही सफर करना शुरू कर दिया, जैसे सफेदाबाद के पास फंसे यात्री इंदिरा कैनाल से होते हुए पुराने हाईवे के रास्ते पैदल ही आगे बढ़े।
साथ ही, हाईवे बंद होने से एम्बुलेंस और गंभीर मरीजों की आवाजाही में भी रुकावट आई। बाराबंकी जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए भेजे गए चार मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई, क्योंकि रास्ता बंद होने से उन्हें वापस जिला अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। हालांकि, बाद में वैकल्पिक मार्ग से मरीजों को लखनऊ भेजा जा सका।
आवश्यक सेवाओं पर असर
इस दुर्घटना का असर केवल यातायात पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा है। ट्रामा सेंटर रेफरल में देरी के कारण मरीजों की हालत गंभीर हो गई थी, और उन्हें तुरंत इलाज की आवश्यकता थी।
प्रशासन का कदम
अधिकारियों ने बताया कि गैस रिसाव को रोकने के लिए ‘प्लास्टर ऑफ पेरिस’ (POP) जैसे उपायों को आजमाया गया, लेकिन दबाव बहुत ज्यादा होने के कारण ये तरीके सफल नहीं हो पाए। अब गैस को दूसरे टैंकर में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया जारी है, जिसके बाद ही हाईवे को खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।




