यूपी की वोटर लिस्ट से कटे 2.05 करोड़ नाम, दिल्ली के कुल मतदाताओं से ज्यादा

लखनऊ, भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दिया है। यूपी के वोटर लिस्ट से 2.05 करोड़ मतदाताओं के नाम अलग-अलग आधार पर काट दिए गए हैं। वोटर छंटनी का यह आंकड़ा दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या से भी करीब 30 फीसदी ज्यादा है। दिल्ली विधानसभा के लिए 2025 के चुनाव में जारी वोटर लिस्ट में कुल 1.55 करोड़ मतदाता थे। एसआईआर से पहले यूपी में 15.44 करोड़ वोटर थे, जिनकी संख्या अब 13.39 करोड़ रह गई है। उत्तर प्रदेश में 2027 के शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में व्यापक कांट-छांट के राजनीतिक असर के चर्चे शुरू हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने शुक्रवार को लखनऊ में संवाददाता सम्मेलन के दौरान एसआईआर से जुड़े आंकड़े साझा किए और अंतिम मतदाता सूची के बारे में गौर करने लायक बातें बताई। अक्टूबर में एसआईआर की शुरुआत से पहले यूपी में 15.44 करोड़ वोटर थे। जनवरी में एसआईआर के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम बचे थे। 2.89 करोड़ नाम काट दिए गए थे। 2.89 करोड़ लोगों में 2.17 करोड़ लोग दूसरी जगह शिफ्ट, 46 लाख लोग मृत और 25.47 लाख लोग एक से ज्यादा बूथ की मतदाता सूची में दर्ज पाए गए थे। आज जारी अंतिम मतदाता सूची में 13.39 करोड़ वोटर हैं, यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 84 लाख से ज्यादा वोटर बढ़े हैं।




