
भोपाल. देशभर में नीट परीक्षा रद्द होने को लेकर छात्रों की नाराजगी अभी शांत भी नहीं हुई थी कि मध्यप्रदेश में एक और बड़ी भर्ती परीक्षा विवादों में आ गई। रविवार को भोपाल के एक परीक्षा केंद्र पर तकनीकी खराबी के कारण वनरक्षक भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली आयोजित नहीं हो सकी। घंटों तक इंतजार करने के बाद जब अभ्यर्थियों को परीक्षा स्थगित होने की सूचना मिली तो केंद्र परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
भोपाल के परीक्षा केंद्र पर नहीं शुरू हो सकी दूसरी पाली
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की ओर से वनरक्षक, क्षेत्ररक्षक, जेल प्रहरी और सहायक जेल अधीक्षक भर्ती परीक्षा 4 जून से 19 जून 2026 तक आयोजित की जा रही है। रविवार को दोपहर 2:30 बजे से शुरू होने वाली दूसरी पाली की परीक्षा भोपाल स्थित मित्तल कॉलेज केंद्र पर तकनीकी कारणों से शुरू ही नहीं हो पाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें तय समय पर केंद्र में प्रवेश दे दिया गया था, लेकिन इसके बाद लगातार यह बताया जाता रहा कि तकनीकी समस्या जल्द ठीक हो जाएगी। कई घंटे बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और आखिरकार अधिकारियों ने सर्वर फेल होने की जानकारी दी।
घंटों इंतजार के बाद फूटा छात्रों का गुस्सा
परीक्षा नहीं होने की सूचना मिलते ही अभ्यर्थियों का गुस्सा सामने आ गया। बड़ी संख्या में छात्र केंद्र परिसर में धरने पर बैठ गए और परीक्षा प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों का आरोप था कि उन्हें समय रहते स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और लगातार इंतजार कराया गया। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि तकनीकी समस्या गंभीर थी तो इसकी सूचना पहले दी जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा।
पुलिस को संभालनी पड़ी स्थिति
विरोध प्रदर्शन बढ़ने पर हालात तनावपूर्ण हो गए। छात्रों का आरोप है कि जब वे जवाब मांगने लगे तो उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा गया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में अभ्यर्थियों को केंद्र के बाहर भेजा गया। हालांकि किसी बड़े विवाद या हिंसा की सूचना नहीं मिली, लेकिन छात्रों में परीक्षा व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली।
दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों को हुई परेशानी
सबसे ज्यादा नाराजगी उन अभ्यर्थियों में थी जो प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके भोपाल पहुंचे थे। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से उनका समय, पैसा और मेहनत तीनों प्रभावित हुए हैं। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लंबे इंतजार के दौरान उन्हें पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं मिलीं। कुछ छात्रों ने बताया कि वे सुबह से केंद्र पर मौजूद थे और शाम तक अनिश्चितता की स्थिति बनी रही।
धांधली और पेपर लीक की आशंका भी उठी
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और धांधली या पेपर लीक जैसी आशंकाएं भी जताईं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और न ही किसी एजेंसी ने ऐसी किसी घटना की पुष्टि की है।
अब 20 जून को होगी दोबारा परीक्षा
हंगामे के बीच मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने देर शाम आधिकारिक सूचना जारी कर परीक्षा स्थगित करने की पुष्टि की। मंडल के अनुसार, 7 जून की दूसरी पाली में प्रभावित हुई परीक्षा अब 20 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को नया प्रवेश पत्र डाउनलोड करना होगा, जिसे मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।
जवाबदेही तय करने की मांग तेज
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा दोबारा कराना जरूरी कदम है, लेकिन केवल नई तारीख घोषित कर देना पर्याप्त नहीं है। छात्रों ने मांग की है कि सर्वर फेल होने और परीक्षा बाधित होने के लिए जिम्मेदार एजेंसी तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं और अव्यवस्थाओं ने उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाना चाहिए।




