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जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप! खेत से शुरू हुआ विवाद घर तक पहुंचा, 9 आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

रायगढ़ । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब खेती और कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट, तोड़फोड़ और घर में घुसकर हमला करने तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र के बरखोरिया गांव का है, जहां कृषि भूमि पर कब्जे और खेती को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। शिकायतकर्ता परिवार का कहना है कि जिस जमीन पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं, उसी भूमि पर दूसरे पक्ष के लोग जबरन खेती करने पहुंचे थे।

खेत में शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ा तनाव

शिकायत के मुताबिक दोपहर के समय कुछ लोग कथित रूप से खेत में पहुंचे और वहां जोताई तथा धान की बुआई शुरू कर दी। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि इसके बाद विवादित पक्ष के लोग घर और आंगन तक पहुंच गए, जहां कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज और तोड़फोड़ की घटना हुई।

घर में घुसकर तोड़फोड़ और धमकी देने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान घरेलू सामान और छप्पर को नुकसान पहुंचाया गया तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस टीम ने:

  • घटनास्थल का निरीक्षण किया।
  • शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए।
  • आरोपियों की तलाश शुरू की।
  • उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कार्रवाई की।

नौ आरोपी गिरफ्तार, वाहन और डंडा जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने नौ लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाले एक वाहन और मारपीट में प्रयुक्त डंडा भी जब्त किया है।

न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है और यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे भूमि विवाद चिंता का विषय

विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में भूमि स्वामित्व, सीमांकन और कब्जे से जुड़े विवाद अक्सर बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया और राजस्व अभिलेखों के आधार पर समाधान निकालना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है।

प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन से जुड़े किसी भी विवाद को कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाएं तथा किसी भी स्थिति में हिंसा या कानून हाथ में लेने से बचें।

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