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बिहान योजना से बदली चन्द्रिका जैन की जिंदगी, आत्मनिर्भरता की बनी मिसाल

उत्तर बस्तर कांकेर, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चलाई जा रही ‘बिहान’ योजना से जिले की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर कांकेर विकासखंड के ग्राम कोकपुर निवासी श्रीमती चन्द्रिका आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई हैं।
श्रीमती चन्द्रिका महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई है। उन्होने बताया कि दन्तेश्वरी स्व-सहायता समूह तथा कंचन महिला क्लस्टर संगठन बारदेवरी से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, घरेलू आवश्यकताओं तथा खेती-किसानी के कार्यों के लिए अक्सर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी ब्याज से ऋण लेना पड़ता था, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा होने के बावजूद पर्याप्त संसाधन और आर्थिक सहयोग नहीं मिलने से उनका सपना अधूरा था। फिर मुझे बिहान योजना के बारे में पता चला, जहां 10 दीदी मिलकर एक समूह गठन कर बचत करते हैं और जरूरत के समय वहीं से आसानी से ऋण भी मिल जाता है।
उन्होंने वर्ष 2024 में बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत संचालित दन्तेश्वरी स्व सहायता समूह की सदस्यता ग्रहण की। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बचत, बैठकों तथा वित्तीय गतिविधियों में सहभागिता के माध्यम से उन्हें आर्थिक प्रबंधन और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जानकारी मिली। समूह के माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर आसानी से ऋण उपलब्ध होने लगा। बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें चक्रीय राशि प्रोत्साहन स्वरूप राशि भी प्राप्त हुआ है। आजीविका गतिविधियों से जुड़ने हेतु सामुदायिक निवेश राशि 60 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसके लिए समय-समय पर बीपीएम, एसी, पीआरपी द्वारा मार्गदर्शन मिला और प्रोत्साहन के फलस्वरूप चन्द्रिका जैन ने किराना दुकान का संचालन शुरू किया, साथ ही कृषि कार्यों का भी विस्तार किया। बैंक से मुद्रा ऋण प्राप्त कर उन्होंने कृषि कार्यों के लिए ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन खरीदी, जिनका उपयोग स्वयं के कार्यों के साथ-साथ किराये पर देकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। आज चन्द्रिका जैन की मासिक आय लगभग 20 हजार रुपये तथा वार्षिक आय लगभग 02 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं तथा परिवार की आवश्यकताओं को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं। चन्द्रिका जैन कहती हैं कि “बिहान योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज मैं अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हूं। समूह और शासन की योजनाओं से मिली सहायता ने मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।”

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