
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के यूनिवर्सल रेल मिल (URM) में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां ओवरहेड क्रेन पर काम कर रहे एक कर्मचारी की हाई वोल्टेज करंट लगने से मौत हो गई। मृतक कर्मचारी की पहचान विनोद कुमार यादव (38 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद संयंत्र परिसर में शोक का माहौल है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, विनोद कुमार यादव वैशाली सेक्टर निवासी थे और यूनिवर्सल रेल मिल में जूनियर इंजीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थे। रविवार को वे द्वितीय पाली में अपनी ड्यूटी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 4:30 बजे वे ओवरहेड क्रेन पर तकनीकी कार्य के लिए गए थे।
30 से 40 फीट ऊंचाई पर लगा हाई वोल्टेज करंट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कर्मचारी जब करीब 30 से 40 फीट ऊंचाई पर स्थित ओवरहेड क्रेन पर काम कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें हाई वोल्टेज डीसी करंट लग गया।
करंट लगते ही वे बेहोश होकर वहीं फंस गए। ऊंचाई अधिक होने के कारण उन्हें तुरंत नीचे उतारना आसान नहीं था। घटना के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
20 मिनट तक ऊंचाई पर फंसे रहे कर्मचारी
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद बचाव कार्य में करीब 15 से 20 मिनट का समय लग गया। इसके बाद कर्मचारी को नीचे उतारकर तत्काल मेडिकल पोस्ट ले जाया गया।
गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बिजली बंद होने के बाद भी कैसे आया करंट?
इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि ओवरहेड क्रेन पर किसी भी तरह का काम शुरू करने से पहले विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद करने का नियम है।
इसके बावजूद कर्मचारी को करंट लगना गंभीर लापरवाही की ओर संकेत कर रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाया जाए कि आखिर बिजली सप्लाई बंद होने के बाद भी करंट कैसे प्रवाहित हुआ।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
संयंत्र कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि ऐसे जोखिम वाले कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
कर्मचारियों के अनुसार—
- ओवरहेड क्रेन पर कार्य के दौरान प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होती है।
- विद्युत आपूर्ति बंद होने की पुष्टि के बाद ही काम शुरू किया जाना चाहिए।
- आपात स्थिति के लिए अनुभवी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जरूरी होती है।
कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण बचाव कार्य में देरी हुई।
जांच और कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद बीएसपी कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता कर्मचारियों की जान के लिए खतरा बन सकता है। यदि निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया होता तो इस दर्दनाक घटना को टाला जा सकता था।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। प्रबंधन की ओर से घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय करने को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर बड़े औद्योगिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत को सामने लाता है।




