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कांवड़ यात्रा 2026: होटल-ढाबों में अब नहीं मिलेगा नॉनवेज, सिर्फ सात्विक भोजन पर प्रशासन की सख्ती

उत्तर प्रदेश: सावन महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी इस यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और भोजनालयों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत यात्रा मार्ग पर अब केवल सात्विक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

होटल-ढाबों में नॉनवेज पर पूरी तरह रोक

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग पर संचालित होटल और ढाबों में—

  • मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाएगा।
  • नॉनवेज खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक रहेगी।
  • भोजन में प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था कांवड़ यात्रियों की धार्मिक भावनाओं और मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने सभी होटल और ढाबा संचालकों को निर्देशों का पालन करने को कहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, यह व्यवस्था हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लागू की जाती है ताकि श्रद्धालुओं को उनकी आस्था के अनुरूप भोजन मिल सके।

सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।

जिलाधिकारी राजेन्द्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देशन में विभिन्न विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं की यात्रा—

  • सुरक्षित हो।
  • व्यवस्थित तरीके से पूरी हो।
  • किसी भी तरह की परेशानी से बचाया जा सके।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू किया निरीक्षण अभियान

कांवड़ मार्ग पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, ढाबों और दुकानों की जांच शुरू कर दी है।

इसके लिए छह विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार निरीक्षण करेंगी।

टीमों की जिम्मेदारी होगी:

  • खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचना।
  • स्वच्छता व्यवस्था देखना।
  • खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना।

अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

होटल संचालकों के लिए नए नियम

प्रशासन ने भोजनालयों के लिए कई अनिवार्य नियम जारी किए हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • होटल और ढाबे पर मालिक का नाम प्रदर्शित करना।
  • खाद्य लाइसेंस दिखाना।
  • खाद्य सुरक्षा क्यूआर कोड लगाना।
  • भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को दस्ताने पहनना।
  • खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों का उपयोग नहीं करना।

श्रद्धालुओं से ज्यादा कीमत वसूली पर रोक

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं की मानक दरें तय की हैं।

अधिकारियों की टीमें बाजारों की निगरानी करेंगी ताकि—

  • कालाबाजारी न हो।
  • सामान की मनमानी कीमत न ली जाए।
  • जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहे।

इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पॉलीथिन पर सख्ती, महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान

पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है।

प्रशासन ने व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का इस्तेमाल करें।

वहीं महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए:

  • सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी।
  • असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
  • शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए विशेष तैयारी

हर साल सावन महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर शिवधामों तक पहुंचते हैं। मुजफ्फरनगर प्रमुख कांवड़ मार्गों में शामिल होने के कारण यहां प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।

यात्रा के दौरान प्रशासन का फोकस रहेगा:

  • सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखना।
  • यातायात सुचारु रखना।
  • भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
  • श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना।

मुख्य बातें

  • कांवड़ यात्रा के लिए मुजफ्फरनगर प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए।
  • कांवड़ मार्ग के होटल-ढाबों में नॉनवेज पर रोक।
  • भोजन में प्याज और लहसुन के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध।
  • छह खाद्य सुरक्षा टीमें करेंगी निरीक्षण।
  • होटल संचालकों को लाइसेंस और क्यूआर कोड लगाना होगा।
  • अधिक कीमत वसूली रोकने के लिए तय होंगी दरें।
  • महिला सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान।

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