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बचपन के खेलों के जरिए यादों को फिर से जी रहा SEA

उमावाणी न्यूज

बचपन के खेलों के जरिए यादों को फिर से जी रहा SEA
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पूरे अगस्त माह आयोजित किए जा रहे पारंपरिक आउटडोर खेलरायपुर।हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए स्पोर्ट्स एंथूजियास्ट्स एसोसिएशन (SEA) द्वारा इस वर्ष पूरे अगस्त माह को मेजर ध्यानचंद को समर्पित करते हुए **बचपन के उन पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो आधुनिक जीवनशैली और तकनीक के दौर में धीरे-धीरे हमारे जीवन से दूर होते जा रहे हैं।
इस अभियान की शुरुआत अगस्त के पहले रविवार को पिट्ठुलजैसे पारंपरिक खेल से की गई, जिसमें खेल के साथ 50 किलोमीटर साइकिलिंग भी आयोजित की गई। इसके बाद आज आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने बचपन के बेहद लोकप्रिय खेल **डंडे के साथ टायर चलाने (Tyre Roll with Stick) का आनंद लिया।
दोनों आयोजनों में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए प्रतिभागियों ने इन खेलों के माध्यम से अपने बचपन की यादों को फिर से जिया। खेल के दौरान प्रतिभागियों में वही उत्साह और उमंग देखने को मिली, जो कभी गली-मोहल्लों और मैदानों में खेलते हुए बचपन का हिस्सा हुआ करती थी।
SEA के सचिव निलेश कटारिया एवं पीआरओ लिपि जैन** ने प्रतिभागियों से संवाद कर उनके अनुभव एवं भावनाएं जानीं। प्रतिभागियों ने बताया कि इन पारंपरिक खेलों ने उन्हें ऐसा अनुभव कराया, मानो वे वर्षों पीछे अपने बचपन के दिनों में लौट आए हों। यह आयोजन केवल खेल तक सीमित न रहकर यादों, दोस्ती, आनंद और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ने का एक अवसर बन गया।
SEA की ओर से बताया गया कि अगस्त माह के आगामी दो रविवारों के कार्यक्रम भी निर्धारित किए जा चुके हैं।  इन आयोजनों में भी बचपन के कुछ लोकप्रिय आउटडोर खेल शामिल किए जाएंगे। प्रतिभागियों के उत्साह और कार्यक्रम के प्रति रोमांच को बनाए रखने के लिए खेलों के नाम कार्यक्रम से एक दिन पूर्व ही घोषित किए जाएंगे  ताकि उत्सुकता बरकरार रहे।
SEA का उद्देश्य राष्ट्रीय खेल दिवस की भावना को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा नई पीढ़ी को हमारे पारंपरिक खेलों से परिचित कराना है।

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